संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। मूल रूप से टड़ियावां थाना क्षेत्र के धूरा निवासी और अमेठी में चकबंदी कार्यालय में तैनात लिपिक ने नौकरी दिलाने के नाम पर दो लोगों से 3.40 लाख रुपये की ठगी कर ली।
लिपिक ने रुपये वापस मांगे जाने पर राजस्व परिषद में तैनाती का नियुक्ति पत्र भी थमा दिया। यहं नियुक्ति पत्र भी फर्जी निकला। पुलिस ने शहर कोतवाली में लिपिक, उसकी मां और बहन के खिलाफ फर्जीवाड़ा और धोखाधड़ी के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की है।
शहर के ऊंचाथोक निवासी आवेग मिश्रा के पिता सुशील मिश्रा की तैनाती बहराइच के रानीपुर थाना क्षेत्र के रमुआपुर गांव में है। वहीं रहकर वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था।
हरदोई आने पर नुमाइश चौराहा पर उसकी मुलाकात धूरा निवासी अर्पित शुक्ला से हुई थी। अर्पित अमेठी की गौरीगंज तहसील के चकबंदी कार्यालय में कनिष्ठ लिपिक के पद पर तैनात है।
आवेग का आरोप है कि अर्पित ने विभाग में अपनी पहुंच का हवाला देकर राजस्व परिषद में नौकरी दिलाने की बात कही। इस पर आवेग ने अपने साथ शाहजहांपुर निवासी रिश्तेदार संपूर्णानंद पांडेय की भी नौकरी लगवाने की बात कही। पांच पांच लाख रुपये में नौकरी की बात तय हुई। दो-दो लाख रुपये पहले और तीन-तीन लाख रुपये बाद में देना तय हुआ।
आवेग का कहना है कि उसने चालीस हजार रुपये अपूर्व को नकद दिए और तीन लाख रुपये उसके बैंक खाते में जमा कराए। काफी समय बीतने पर भी नौकरी न मिलने पर रुपये वापस मांगे, तो उसने एसबीआई के तीन चेक दिए, लेकिन चेक बाउंस हो गए। इसी बीच अपूर्व ने दोनों को फर्जी नियुक्ति पत्र पकड़ा दिए।
इसकी शिकायत करने और रुपये वापस मांगने पर अपूर्व, उसकी मां पूनम शुक्ला और पुत्री स्नेह शुक्ला ने गाली गलौज कर भगा दिया।
शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि पीड़त पक्ष की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही पकड़े जाएंगे।