हरदोई। लखनऊ जोन स्तर पर हुई वाणिज्यिक वाहनों पर टैक्स बकाये की समीक्षा में जिले में सर्वाधिक बकायेदारी पाई गई है। एआरटीओ कार्यालय के अधिकारियों के मुताबिक जिले में 775 वाहनों पर लगभग साढ़े तीन करोड़ का टैक्स बकाया है। एआरटीओ प्रशासन संजीव कुमार सिंह ने बताया कि सभी बकायेदारों को नोटिस भेजकर पक्ष रखने व बकाया जमा करने के लिए 30 नवंबर तक का वक्त दिया गया है। एक दिसंबर के बाद आरसी जारी की जाएगी।
जिले में लगभग 25 से 30 हजार वाणिज्यिक वाहन पंजीकृत हैं। इनमें से कई वाहन ऐसे हैं, जिनके मालिक समय पर रोड टैक्स जमा नहीं कर रहे हैं। डिप्टी जोनल कमिश्नर निर्मल प्रसाद ने दो दिन पूर्व इसकी समीक्षा की थी। इसमें हरदोई में सबसे अधिक राशि बकाया होने पर उन्होंने नाराजगी जताई। हरदोई समेत जोन के अन्य छह जनपदों में भी प्रवर्तन टीमों को अभियान चलाकर बकाया जमा कराने के निर्देश दिए हैं।
उपसंभागीय परिवहन कार्यालय के अधिकारियों के मुताबिक वर्ष 2016 के बाद से टैक्स जमा न करने वाले ऐसे 775 वाहन चिह्नित किए जा चुके हैं। इन सभी वाहनों पर 25 हजार या उससे अधिक का बकाया है। इन पर टैक्स के रूप में लगभग तीन करोड़ 52 लाख रुपये बकाया हैं। इन वाहनों में बस, ट्रक, छोटे वाणिज्यिक सवारी वाहन व तीन टन से अधिक क्षमता के भार वाहन शामिल हैं।
एआरटीओ प्रशासन संजीव कुमार सिंह ने बताया कि इन सभी वाहन स्वामियों को नोटिस भेजी गई है। सभी को अपना पक्ष रखने व बकाया जमा करने के लिए 30 नवंबर तक का समय दिया गया है। वजह सही होने पर वाहन स्वामी को पेनाल्टी में छूट दी जाएगी। बकाया टैक्स जमा न करने वाले वाहन स्वामियों को एक दिसंबर के बाद आरसी जारी की जाएगी।
रूटीन टैक्स वसूली में स्थिति ठीक
संभागीय परिवहन विभाग द्वारा जनपद को एक अप्रैल से 30 अक्तूबर तक प्राइवेट वाहनों से 29 करोड़ 21 लाख रुपये टैक्स वसूली का लक्ष्य दिया गया था। जिसमें विभाग ने 30 अक्तूबर तक 16 करोड़ 93 लाख (लगभग 67 प्रतिशत) का राजस्व प्राप्त किया है। माल वाहन के लिए विभाग को 2 करोड़ 92 लाख रुपये की टैक्स वसूली का लक्ष्य मिला था। विभाग ने 30 अक्तूबर तक 6 करोड़ 46 लाख (लगभग 220 प्रतिशत) का राजस्व/टैक्स जमा कराया है। इसी तरह यात्री वाहनों के लिए विभाग को 6 करोड़ 38 लाख रुपये की टैक्स वसूली का लक्ष्य मिला था। 30 अक्तूबर तक 6 करोड़ 39 लाख (लगभग 101 प्रतिशत) का टैक्स जमा कराया है।