हरदोई। प्राथमिक विद्यालयों से कक्षा पांच की परीक्षा सफलतापूर्वक पास करने वाले करीब 26 हजार विद्यार्थियों का कोई सुराग नहीं मिल रहा है। इन बच्चों ने अगली कक्षा (कक्षा 6) में प्रवेश लिया ही नहीं है। अब महकमा इन लापता बच्चों की तलाश में पूरी ताकत झोंक रहा है, ताकि उन्हें पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
जिले में 3446 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में विगत वर्ष कक्षा पांच में अध्ययनरत 44297 विद्यार्थी पास हो गए हैं। उनको इस वर्ष कक्षा छह में प्रवेश लेना था, मगर अभी तक 26422 विद्यार्थियों ने अगली कक्षा में प्रवेश नहीं लिया है। विभागीय आंकड़ों में यह विद्यार्थी प्रवेश से वंचित हैं। विभाग अब ऐसे विद्यार्थियों की तलाश शुरू कर रहा है। इसके लिए विभाग की स्कूल चलो अभियान के द्वितीय चरण में प्रवेश दिलाने के लिए घर-घर अभियान शुरू किया गया है।
बच्चों के डेटा का मिलान विद्यालयों में हुए दाखिलों से कराया जा रहा
प्राथमिक विद्यालयों से पास आउट हुए बच्चों के डेटा का मिलान माध्यमिक शिक्षा के विद्यालयों में हुए दाखिलों से कराया जा रहा है। यू-डायस पोर्टल पर भी लगातार ट्रैकिंग की जा रही है, लेकिन इसके बावजूद 26 हजार छात्रों की कोई लोकेशन या एंट्री दर्ज नहीं मिल रही है। संभव है कि कक्षा पांच पास करने के बाद अभिभावकों ने बच्चों का दाखिला किसी गैर-मान्यता प्राप्त या निजी स्कूल में करा दिया हो, जिसकी पोर्टल पर एंट्री न हुई हो। काम-धंधे की तलाश में परिवारों का दूसरे शहरों या राज्यों में पलायन करना भी एक बड़ा कारण हो सकता है। आर्थिक स्थिति या अन्य पारिवारिक कारणों से बच्चों के पढ़ाई छोड़ देने की आशंका से भी इन्कार नहीं किया जा सकता।
वर्जन
बच्चों का प्रवेश तो अगली कक्षा में हो गया है, मगर उसकी मैपिंग नहीं की गई। इसके लिए संबंधित प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया गया है कि डेटा को अपडेट करा दें। डेटा अपडेट होने के उपरांत जो बच्चे बचेंगे। उनको भी प्रवेश दिला दिया जाएगा। -प्रभात मिश्र, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी