हरदोई। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत पिहानी विकास खंड में एक भी लाभार्थी न होने के बावजूद मनरेगा के श्रमांश की दो वर्कआईडी जारी हो गईं। मामले का पता चला तो विभाग में खलबली मच गई। अब खामियों को दुरुस्त करनेे की कवायद विभाग ने शुरू की है।
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लाभार्थियों को मनरेगा से 90 दिन का रोजगार उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था है। इसके लिए डीएम और सीडीओ ने निर्देश भी दिए हैं। लेकिन पिहानी विकास खंड में आवासीय योजना का कोई भी लाभार्थी नहीं है। इसके बाद भी दो वर्क आईडी पिहानी में जारी हो गईं। इसका पता खंड विकास अधिकारी संध्या रानी को लगा तो उन्होंने गोपनीय पत्र मनरेगा उपायुक्त प्रमोद सिंह चंद्रौल को भेजा। पत्र मिलते ही मनरेगा उपायुक्त ने पूरे प्रकरण का बारीकी से अध्ययन किया तो पता चला कि अहिरोरी और टोडरपुर विकास खंड के एक-एक लाभार्थी की मैपिंग गलत हो गई है। इसके कारण दो लाभार्थियों की वर्क आईडी पिहानी ब्लॉक में दिख रही है। (ब्यूरो)
इनकी हुई गलत मैपिंग
- टोडरपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत भदेउना की रहने वाली रामदेवी को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला है। उनके जॉबकार्ड पर मजदूरी के लिए आईडी जारी की गई। इसे पिहानी विकास खंड के ग्राम सिमौर में मैप कर दिया गया।
- अहिरोरी विकास खंड की ग्राम पंचायत गोपार की सरिता को भी प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का लाभ मिला है। उसके भी जॉबकार्ड पर मजदूरी के लिए आईडी जारी की गई और इसे पिहानी विकास खंड की ग्राम पंचायत पंडरवा किला में मैप कर दिया गया।
बीडीओ से कार्रवाई के लिए कहा : मनरेगा उपायुक्त
मनरेगा उपायुक्त प्रमोद सिंह चंद्रौल ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। अहिरोरी और टोडरपुर के खंड विकास अधिकारियों से लापरवाही करने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई प्रस्तावित करने को कहा गया है। संस्तुति मिलते ही संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।