हरदोई। कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी सतर्कता बरत रहा है। लेकिन संसाधन आड़े आ रहे हैं। जिला महिला अस्पताल में वेंटिलेटर व अन्य संसाधनों की कमी है। अस्पताल में दो ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए हैं पर ऑपरेटर की तैनाती नहीं हुुई है। इलेक्ट्रिशियन के सहारे प्लांट का संचालन हो रहा है। ऐसे में कोराना से निपटना मुश्किल हो सकता है।
प्रदेश सरकार ने ऑक्सीजन की कमी न रहे, इसके लिए महिला अस्पताल में 500 एमपीएल क्षमता के दो ऑक्सीजन प्लांट लगवाए हैं। सभी वार्डों में बेड तक ऑक्सीजन प्वाइंट लगे हैं। ताकि मरीजों को समय से ऑक्सीजन मिल सके। लेकिन प्लांट चलाने के लिए ऑपरेटर न होना बड़ी समस्या है। इलेक्ट्रिशियन को ऑनलाइन प्रशिक्षण देकर प्लांट का संचालन कराया जा रहा है।
कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर अस्पताल में व्यवस्था दुरुस्त की जा रही है। ऑक्सीजन प्लांट क्रियाशील है। वार्डों में भर्ती मरीजों तक ऑक्सीजन की आपूर्ति पहुंच रही है। प्लांट चलाने के लिए इलेक्ट्रिशियन को प्रशिक्षण दिलाया गया है। - डॉ. अभिताभ कुमार सीएमएस, महिला अस्पताल।
अस्पताल में नहीं हैं वेंटिलेटर
महिला अस्पताल में 100 बेड हैं लेकिन वेंटिलेटर नहीं लगाए गए हैं। जरूरी संसाधनों का अभाव है।