फोटो-07- भाजपा कार्यालय में अध्यक्ष पद का नामांकन पत्र दाखिल करते जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन साथ में मौजूद विधायक व पदाधिकारी। संवाद
फोटो-08- भाजपा कार्यालय के बाहर मौजूद पदाधिकारी व अन्य। संवाद
- प्रदेश महामंत्री सुभाष यदुवंश और जिला चुनाव अधिकारी संजीव वालिया की मौजूदगी में पूरी हुई प्रक्रिया
- मौजूदा जिलाध्यक्ष के साथ ही तीन उपाध्यक्षों ने भी किया नामांकन
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। भाजपा जिलाध्यक्ष पद के लिए गहमा गहमी के बीच नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी की गई। जिलाध्यक्ष पद के लिए 17 लोगों ने नामांकन दाखिल किए हैं। नामांकन दाखिल करने वालों में वर्तमान अध्यक्ष के साथ ही उनकी कमेटी के कई पदाधिकारी भी शामिल हैं। एक नामांकन निरस्त किया गया है। आलोक मिश्रा के दो बार के सक्रिय सदस्य नहीं थे इसलिए उनका नामांकन निरस्त हुआ है।
भाजपा के प्रदेश महामंत्र और एमएलसी सुभाष यदुवंश को हरदोई में भाजपा ने चुनाव के लिए पर्यवेक्षक घोषित किया था। सहारनपुर के पूर्व मेयर संजीव वालिया हरदोई के चुनाव अधिकारी हैं। दोनों नेताओं की मौजूदगी में बृहस्पतिवार को गंगानगर स्थित पार्टी कार्यालय में नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी की गई। भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन ने पूर्व जिलाध्यक्ष राजीव रंजन मिश्र, श्रीकृष्ण शास्त्री, जिला महामंत्री अनुराग मिश्रा, ओमवर्मा और सतेंद्र राजपूत की मौजूदगी में नामांकन दाखिल किया। उनके साथ भाजपा जिला उपाध्यक्ष संदीप सिंह और प्रीतेश दीक्षित भी मौजूद रहे। भाजपा के जिला उपाध्यक्ष राजेश अग्निहोत्री, कर्मवीर सिंह चौहान और विनोद राठौर, जिला मंत्री नीतू चंद्रा, पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला अध्यक्ष वेदराम राजपूत, महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष अलका गुप्ता के साथ ही नीरज शुक्ला, विपिन सिंह गौर, आलोक शुक्ला, अतुल तिवारी, विनोद कुशवाहा, आलोक मिश्रा, सूरसेन पासी और नीरज तिवारी ने भी नामांकन दाखिल किया। नामांकन पत्र दाखिल होने के बाद कुछ जनप्रतिनिधियों और मौजूदा पदाधिकारियों व पूर्व जिलाध्यक्षों ने आम सहमति बनाने का प्रयास किया, लेकिन जिला चुनाव अधिकारी और पर्यवेक्षक इससे दूर ही रहे। जिला चुनाव अधिकारी संजीव वालिया ने बताया कि दाखिल किए गए नामांकन पत्रों का ब्योरा प्रदेश नेतृत्व को भेजा जाएगा। इनमें से तीन नाम का पैनल तय कर नेतृत्व को दे दिया जाएगा। मौजूदा अध्यक्ष और निवर्तमान अध्यक्ष का नाम भी पैनल में जाएगा।
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समर्थक प्रस्तावक की अनिवार्यता खत्म होने से बढ़े दावेदार
जिलाध्यक्ष पद के लिए नामांकन प्रक्रिया की तारीख घोषित होने के साथ कुछ नियम भी बनाए गए थे। इनमें दो बार का सक्रिय सदस्य होना, साठ वर्ष से कम आयु होना और कुल घोषित मंडल अध्यक्षों व जिला प्रतिनिधियों का दस फीसदी प्रस्तावक और समर्थक होना अनिवार्य था। मंगलवार रात प्रदेश नेतृत्व ने प्रस्तावक और समर्थक की अनिवार्यता खत्म कर दी थी। यही वजह रही कि हरदोई में इतनी बड़ी संख्या में नामांकन हो गए। नामांकन प्रक्रिया के बाद सवायजपुर विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू, सांडी विधायक प्रभाष कुमार, एमएलसी अशोक अग्रवाल भी भाजपा कार्यालय पहुंचे।
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नामांकन के साथ नाम वापसी का सहमति पत्र भी
भाजपा में जिलाध्यक्ष पद को लेकर आखिरी फैसला प्रदेश नेतृत्व करेगा। यही वजह है कि नामांकन पत्र दाखिल करने के साथ ही दावेदारों से नाम वापसी का भी हलफनामा ले लिया गया है। सभी दावेदारों ने नामांकन के साथ नाम वापसी का भी पत्र चुनाव अधिकारी को सौंपा है।