हरदोई। विद्युत उपकेंद्र चरौली से जुड़े आजादनगर और रद्धेपुरवा मार्ग क्षेत्र के उपभोक्ता इन दिनों भीषण गर्मी में लो-वोल्टेज और आए दिन होने वाले लोकल फॉल्ट की समस्या से जूझ रहे हैं। बिजली की जर्जर लाइन को बदलने के निर्देश के बावजूद तीन साल बाद भी लाइन नहीं बदल सकी है जबकि बजट व अनुमति दोनों मिल चुकी है। इससे उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश है।
चरौली विद्युत उपकेंद्र से जुड़े आजादनगर और रद्धेपुरवा मार्ग पर बिजली के तार पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं। हल्के हवा के झोंके या जरा सा लोड बढ़ते ही तार टूट कर गिर जाते हैं। इसके चलते दिन में दर्जनों बार लोकल फॉल्ट होता है। बिजली की इस आंख-मिचौली और लो-वोल्टेज के कारण इस भीषण उमस में लोगों के घरों के पंखे और कूलर तक नहीं चल पा रहे हैं।
क्षेत्र के 16 हजार से अधिक उपभोक्ता इससे प्रभावित हो रहे हैं मगर तीन साल बाद भी जर्जर लाइन नहीं बदली जा सकी है। इससे गर्मी में उपभोक्ताओं का सब्र जवाब देने लगा है। लो-वोल्टेज की सबसे ज्यादा मार घरेलू रेफ्रिजरेटरों, पानी की मोटरों और बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रही है। अब पानी का संकट गहराने लगा है और रात की नींद हराम हो चुकी है।
रद्धेपुरवा मार्ग के चौड़ीकरण के कारण उसकी बिजली लाइन को लोक निर्माण विभाग को बनाना है, जिसका बजट भी उसके पास है और अनुमति भी मिल चुकी है मगर विभाग की ओर से तीन साल गुजर जाने के बाद भी न तो बिजली लाइन बदली गई न ही विद्युत पोल को हटाया गया। बजट लोक निर्माण विभाग के पास होने से बिजली वितरण निगम इस लाइन पर काम नहीं करा पा रहा है। इसका खामियाजा क्षेत्र के उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।
शहर में लोकल फॉल्ट से परेशान हुए लोग
भीषण गर्मी में बिजली की मांग बढ़ने से लोकल फॉल्ट भी बढ़ गए हैं। ट्रांसफार्मर भी जवाब देने लगे हैं। शहर के आशानगर उपकेंद्र से जुड़े क्षेत्र में ट्रांसफार्मर में खराबी के कारण आपूर्ति बाधित रही जिसको बदला गया। इसके अलावा सिटी विद्युत उपकेंद्र, कोयल बाग, सांडी सड़क, मन्नापुरवा विद्युत उपकेंद्र से जुड़े क्षेत्रों में रात में लोकल फॉल्ट के कारण आपूर्ति बाधित रही। इससे उपभोक्ताओं की नींद में खलल पड़ा।
लोक निर्माण विभाग की ओर से बिजली सामग्री की चेकिंग कराई जा रही है। जांच के उपरांत विभाग की ओर से कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया गया है। बिजली लाइन का जल्द निर्माण कराने के लिए लोक निर्माण विभाग को उच्चाधिकारियों की ओर से पत्र लिखे गए हैं, जल्द लाइन बनने की उम्मीद है। -आकाश वर्मा, उपखंड अधिकारी सदर