करीब आठ माह से बंद विश्वविद्यालय और कॉलेजों को 23 नवंबर से फिर से खोला जाएगा। शुरुआत में इन्हें 50 छात्रों की प्रतिशत उपस्थिति के साथ ही खोला जाएगा।
राज्य सरकार की ओर से निर्देश मिलते ही जिले में भी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। सोमवार से महाविद्यालयों के द्वार छात्र-छात्राओं के लिए खोल दिए जाएंगे। महाविद्यालयों में सैनिटाइजेशन व कक्षों में सीटों निर्धारण किया गया।
राज्य सरकार ने पांच दिन पूर्व विश्वविद्यालय और कॉलेज खोले जाने को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर दिए थे। कोरोना के चलते जिले में कॉलेज बंद हैं। कालेज खुलने के निर्देश आते ही जिले के करीब 137 महाविद्यालयों में तैयारियों का दौर शुरू हो गया।
सोमवार को महाविद्यालय खोले जाने को लेकर रविवार को भी महाविद्यालय में तैयारियां जारी रहीं। सीएसएन कालेज के प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार सिंह ने बताया कि रोटेशन के आधार पर 50 प्रतिशत छात्रों की उपस्थिति के साथ कक्षाएं शुरू की जा सकती हैं। सभी छात्रों को मास्क पहनना होगा।
सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना होगा। साथ ही यह भी निर्देश दिए गए कोविड-19 से लड़ने के लिए शैक्षणिक संस्थान नजदीकी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों, गैर सरकारी संगठनों व स्वास्थ्य विशेषज्ञों के साथ टाईअप कर सकते हैं।
सीएसएन कालेज के प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार सिंह का कहना है कि अभी हाल में परीक्षाएं कराईं गईं। तैयारियां पहले से ही पूर्ण हैं।
सैनिटाइजेशन फिर से कराया जा रहा है। बच्चों को कक्षों में बैठाने के लिए निर्धारित दूरी के नियम का पालन करवाया जाएगा। उनके यहां करीब 1300 छात्र-छात्राएं हैं। दो दिन छात्र-छात्राओं की उपस्थिति देखी जाएगी, उसके बाद शेड्यूल निर्धारित किया जाएगा।
जीडीसी के प्राचार्य डॉ. नेत्रपाल सिंह का कहना है कि उनके यहां बीकॉम, बीएससी व परास्नातक मिलाकर करीब 1400 छात्र-छात्राएं हैं। निर्देश 50 प्रतिशत छात्र-छात्राओं को महाविद्यालय में बैठाने के हैं।
पहले दिन छात्र-छात्राओं की उपस्थिति देखी जाएगी। एक कक्ष में 20 से अधिक छात्र-छात्राओं को नहीं बैठाया जाएगा। छात्र छात्राओं की संख्या अधिक रही तो अगले दिन से शिफ्ट निर्धारित कर दी जाएगी।