हरदोई। सूबे में सत्ता परिवर्तन और फिर शराब के अवैध कारोबार में पिहानी के पूर्व ब्लाक प्रमुख के जेल जाने के बाद पिहानी क्षेत्र पंचायत की राजनीति एक बार फिर सुर्खियों में है। एक क्षेत्र पंचायत सदस्य ने इस्तीफा दे दिया है लेकिन इसके पीछे ब्लाक प्रमुख की कुर्सी हथियाने का पूरा तानाबाना बुना जा चुका है। यह बात और है कि ब्लाक प्रमुख को लेकर सत्ताधारी दल में भीषण टकराव और मनमुटाव है।
पिहानी में क्षेत्र पंचायत के 103 सदस्य हैं। ब्लाक प्रमुख का पद महिला के लिए आरक्षित है। मौजूदा समय में पूर्व ब्लाक प्रमुख और शराब के अवैध कारोबारी के आरोपी जेपी गुप्ता की पत्नी सरिता गुप्ता ब्लाक प्रमुख हैं। सूबे में सत्ता बदलने के बाद शराब के अवैध कारोबार पर शिकंजा कसा गया तो जेपी गुप्ता जेल पहुंच गए। जेपी के साथ उनका पुत्र गौरव गुप्ता भी जेल की सलाखों के पीछे है। इधर मौके का फायदा उठाने के लिए क्षेत्र पंचायत सदस्यों में खेमेबंदी शुरू हो गई। इस बार विरोध का झंडा कुशी बाजपेयी ने उठाया है। कुशी बाजपेयी वर्ष 1965 से 2000 तक पिहानी के ब्लाक प्रमुख रहे प्रकाश चंद्र बाजपेयी के पौत्र हैं। कुशी के पिता श्रवण बाजपेयी भी पिहानी के ब्लाक प्रमुख रह चुके हैं। पंचायत चुनाव में उनकी मां संतोष बाजपेयी क्षेत्र पंचायत की सदस्य चुनी गई थीं। ब्लाक प्रमुख पद पर उनका स्वाभाविक दावा भी था, लेकिन राजनीतिक दबाव से तब कुशी को पैर पीछे खींचने पड़े थे। सत्ता बदलने के बाद ब्लाक प्रमुख को बदलने की कवायद शुरू हुई लेकिन इसी बीच एक नया नाम विनोद द्विवेदी का सामने आ गया। विनोद अपने परिजन को ब्लाक प्रमुख की कुर्सी पर काबिज कराना चाह रहे थे। विरोधी गुट दो खेमे में बंट गया तो स्वाभाविक रूप से सरिता गुप्ता मजबूत हो गईं। पूरे मामले में ताजा जानकारी यह है कि पिहानी विकास खंड के अंबारी से क्षेत्र पंचायत सदस्य उदयवीर सिंह ने इस्तीफा दे दिया है। फौरी तौर पर भले ही यह सामान्य इस्तीफा माना जा रहा हो लेकिन हकीकत कुछ और ही है। दरअसल पंचायत चुनाव के पहले कोटरा के रहने वाले मनोज सिंह ने भी ब्लाक प्रमुख पद के लिए दावेदारी की थी। वह अपने छोटे भाई की पत्नी को ब्लाक प्रमुख बनवाने की कवायद में लगे थे। मनोज सिंह बड़े कारोबारी है, लेकिन जेपी गुप्ता ने उनकी घेराबंदी कर उनके सभी परिजनों को क्षेत्र पंचायत सदस्य के चुनाव में ही सफल नहीं होने दिया था। अब माना जा रहा है कि उदयवीर सिंह के इस्तीफे से खाली हुई सीट पर मनोज सिंह अपने छोटे भाई की पत्नी को क्षेत्र पंचायत सदस्य का चुनाव लड़वाएंगे। इसके बाद वह ब्लाक प्रमुख के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाकर खुद कुर्सी हासिल करने की कोशिश करेंगे।
आसान नहीं है राह
लिकर किंग के नाम से मशहूर जेपी गुप्ता से पार पाना विरोधियाें के लिए आसान नहीं है। क्षेत्रीय भाजपा विधायक जेपी के जेल जाने से पहले उनके साथ मंच साझा करते रहे हैं। भाजपा में शामिल होने से पहले क्षेत्रीय विधायक श्यामप्रकाश सपा की साइकिल पर सवार थे और तब उनकी-जेपी की गलबहियां खुलेआम नजर आती थीं। यही कारण है कि अब भी क्षेत्रीय विधायक ब्लाक प्रमुख के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाने के मामले में विरोधियाें का समर्थन नहीं कर रहे हैं।
पिहानी क्षेत्र पंचायत के एक सदस्य का इस्तीफा
ब्लाक प्रमुख के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पर तानाबाना तैयार
ब्लाक प्रमुख सरिता के पति जेपी जेल में हैं बंद
अमर उजाला ब्यूरो।