पाली। पाली के युवराज हत्याकांड के बाद शुक्रवार को हत्यारोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा करने वालों के खिलाफ भी पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पाली कस्बा चौकी प्रभारी की तहरीर पर 11 लोगों को नामजद करते हुए 50-60 अज्ञात लोगों के खिलाफ बलवा, सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट करने, धारा 144 का उल्लंघन करने समेत 10 धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
पाली थाना क्षेत्र के इस्माइलपुर निवासी युवराज की बृहस्पतिवार शाम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। एक किशोरी से करीबी को लेकर हुई वारदात में पुलिस ने युवराज के ताऊ की तहरीर पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। हत्या के बाद शुक्रवार को युवराज को श्रद्धांजलि देने के नाम पर एकत्र हुई भीड़ ने हत्यारोपियों का एनकाउंटर किए जाने और उनके मकानों पर बुलडोजर चलवाए जाने की मांग को लेकर हंगामा किया था। आक्रोशित भीड़ ने आरोपियों के मकान समेत कई स्थानों पर पथराव भी किया था। पुलिस से भी नोकझोंक हुई थी।
इसी मामले में पाली कस्बा चौकी प्रभारी शिव शंकर मिश्रा की तहरीर पर मोहल्ला बाजार निवासी नाने उर्फ अवधेश रस्तोगी, कन्हैया गुप्ता, निखिल वाजपेयी, निक्की रस्ताेगी, प्रीतम मिश्रा, सजल मिश्रा, मोनू लाल, शशिकांत प्रजापति, प्रेम अग्निहोत्री, किरन मिश्रा और चुन्नू मिश्रा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। 50-60 अज्ञात लोगों पर भी मामला दर्ज किया गया है। इन सभी पर पुलिस के साथ हाथापाई, अभद्रता, बलवा, सरकारी कार्य में बाधा, बिना अनुमति जुलूस निकालने आदि की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
उधर, दूसरी ओर कस्बे में हत्यारोपियों के मकानों के आसपास स्थित बाजार पूरी तरह बंद रहे। पुलिस दिन भर पैदल गश्त करती रही। पाली कस्बे में जगह-जगह पुलिस बल तैनात है। एसपी केसी गोस्वामी ने बताया कि जो कुछ भी हुआ वह दुखद है, लेकिन किसी को भी कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने का अधिकार नहीं है। शांति व्यवस्था को चुनौती देने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।
युवराज के हत्यारोपियों को पुलिस भले ही अब तक नाबालिग बताती रही हो, लेकिन शुक्रवार रात हत्यारोपियों और पुलिस के बीच हुई मुठभेड़ को लेकर दर्ज कराई गई रिपोर्ट में नई बात सामने आई। पाली के प्रभारी निरीक्षक एके राय की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर में सभी आरोपियों की उम्र का खुलासा करते हुए इन्हें बालिग बताया गया है। पुलिस मुठभेड़ में घायल कामरान के खिलाफ पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने के आरोप में एके राय ने रिपोर्ट दर्ज कराई है।
इसमे बताया है कि युवराज की हत्या के मामले में आरोपियों की धरपकड़ के दौरान मुखबिर से सूचना मिली थी कि हत्यारोपी अपने साथियों के साथ सांडी खेड़ा स्थित एक बंद ईंट भट्ठे के पास मौजूद हैं। इस सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर छापा मारा। यहां मुठभेड़ के दौरान कामरान (35) गोली लगने से घायल हो गया। इसी एफआईआर में हत्यारोपी अदनान पुत्र इकराम की उम्र 19 वर्ष, जुनैद पुत्र इकराम 20, जुबैर पुत्र माजिद 20 और अदनान पुत्र शब्बन फौजी की उम्र 19 वर्ष बताई गई है। उल्लेखनीय है कि मृतक के ताऊ की तहरीर पर पुलिस ने जुनैद, अदनान पुत्र इकराम और जुबैर के खिलाफ हत्या व मारपीट का मामला दर्ज किया था। जांच के दौरान पुलिस को पता चला था कि कामरान ने हत्यारोपी को तमंचा दिया था और अदनान पुत्र शब्बन फौजी भी घटना में शामिल था। इन सभी को गोपनीय ढंग से कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायालय में पेश किया गया, जहां सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया।