कोठीगेट स्थित राजकीय महिला चिकित्सालय पर मंगलवार को बंदरों ने जमकर उत्पात मचाया। बंदरों ने आधा दर्जन मरीजों को काटकर लिया, इससे मरीजों में भगदड़ मच गई। कई लोगों के हाथों से बंदरों ने दवाओं के थैले छीन लिए।
वहीं, नगर पालिका के अफसर बस दिखावे के लिए बंदर पकड़ो अभियान चला रहे हैं, इससे लोगों में आक्रोश है। कोठीगेट स्थित राजकीय महिला चिकित्सालय में बड़ी संख्या में बंदर अस्पताल परिसर में छत और पेड़ पर बैठे रहते हैं।
मंगलवार को बंदरों ने लाइन में लगे मरीजों पर हमला बोल दिया। बंदरों ने मजीदपुरा निवासी इकरा, रफीकनगर निवासी शाहिदा, त्रिलोकीपुरम निवासी अनीता, बुलंदशहर रोड आवास विकास निवासी शहाना, रामपुर रोड निवासी वकीला व हमिदा को काटकर घायल कर दिया।
बंदरों के उत्पात से मरीजों में भगदड़ मच गई। करीब 15 मिनट तक बंदरों ने उत्पात मचाया। स्वास्थ्य विभाग के एक आला अधिकारी के भी पीछे बंदर भागने लगे, अफसर ने कमरे में घुसकर अपनी जान बचाई।
बंदर मरीजों के हाथों से दवाओं की थैली लेकर छतों पर भाग गए। ऐसे में मरीजों को परेशान होना पड़ा। वहीं, अस्पताल परिसर में खड़े लाखों के वाहनों को भी बंदर नुकसान पहुंचा रहे हैं, एंबुलेंस, शव वाहन के शीशे और वाइपर भी तोड़ दिए हैं।
वहीं, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी संजय कुमार मिश्रा ने बताया कि बंदर पकड़ने के लिए जल्द ही अभियान चलाया जाएगा। पहले भी अभियान चलाकर बंदरों को पकड़ा जा चुका है।
इन दिनों स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त मात्रा में रैबीज के इंजेक्शन नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे में बंदरों के काटने पर मरीजों को गढ़ रोड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भेज दिया गया। बुखार आदि की दवा लेने पहुंचे मरीज बंदरों के काटने के कारण वापस अपने घरों को लौट गए।
वहीं नगर पालिका के अफसर मात्र दिखावे के लिए बंदर पकड़ो अभियान चलाते हैं। चिकित्सकों ने कई बार पालिका के अफसरों से बंदरों को पकड़ने की गुहार लगाई है, लेकिन यह अनदेखी मरीजों पर भारी पड़ रही है।
उधर, सीएमओ डॉ. एके सिंह ने बताया कि अस्पताल में बंदरों का आतंक है। इन्हें पकड़वाने के संबंध में नगर पालिका को पत्र लिख चुके हैं। एंटी रैबीज वैक्सीन अस्पतालों में भेज दी गई है। जल्द ही मरीजों को राहत मिल जाएगी।