गढ़ तहसील में के दो गांवों बुधवार को कैंसर ने एक महिला समेत दो लोगों की जान ले ली। दो सप्ताह के भीतर कैंसर से सातवीं मौत होने के कारण ग्रामीणों में दहशत है। तहसील के 35 से अधिक गांवों में दूषित भूजल के कारण हेपेटाइटिस और कैंसर के कई मरीज मौजूद है।
बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव जखैड़ा रहमतपुर में राजेंद्र सिंह (52) की बुधवार रात कैंसर से मौत हो गई। छह माह पहले हापुड़ अस्पताल में जांच के दौरान लीवर कैंसर होने का पता चला था। की वर्तमान में उनका इलाज दिल्ली के अस्पताल में चल रहा था।
वहीं गढ़ के बदरखा गांव में रिफाकत खां की पत्नी बिस्मिल्ला (50) की कैंसर ने जान ले ली। ज्ञात हो कि 17 दिनों में कैंसर से यह सातवीं मौत है। गढ़ और बहादुरगढ़ समेत सिंभावली क्षेत्र के अधिकांश गांवों का भूजल दूषित है।
उनमें सेहल, भद्स्याना, आलमनगर, चांदनेर, जखैड़ा रहमतपुर, पलवाड़ा, पसवाड़ा, मुहम्मदपुर, रहरवा, क्रियावली, शकराटीला, भैना, सदरपुर, लहडरा, हशूपुर, वैट, फुलड़ी, दरियापुर, बलवापुर, पूठ, सलोनी, बक्सर शामिल हैं।
क्षेत्र के कई गांवों में पीएचसी और पानी की टंकी तक नहीं है। ऐसे लोगों को न तो शुद्ध पानी मिल रहा है और न ही इलाज मिल रहा है। बीमार ग्रामीणों को लंबा फेर काटकर बहादुरगढ़, सिंभावली और गढ़ के सरकारी अस्पतालों में जाना पड़ता है।
हेपेटाइटिस बी और सी से होने वाले कैंसर की रोकथाम के मद्देनजर गांवों के भूजल के नमूने लेकर जांच कराई जाएगी। ग्रामीणों के स्वास्थ्य का भी चेकअप कराया जाएगा। - डॉ. एके सिंह, सीएमओ