होलिका दहन रविवार को किया जाएगा। सुबह के समय शहर के प्राचीन श्री चंडी मंदिर पर होलिका पूजन करने के लिए शहर की महिलाओं की भीड़ उमड़ेगी। इसके लिए पुलिस ने खास व्यवस्था की है। साथ ही चंडी रोड पर भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित होगा।
सिविल ड्रेस में महिला पुलिसकर्मी तैनात रहेंगी। ज्योतिषाचार्य पंडित संतोष तिवारी ने बताया कि होलिका त्योहार पर इस बार पूरा संशय बना हुआ है। शाम 06.24 से 7.50 बजे के बीच होलिका दहन करना शुभ है, क्योंकि प्रदोष काल (शाम) में ही होलिका दहन शुभ होता है।
जबकि शाम 4.30 से शाम 6 बजे तक राहु काल का योग है। इसमें पूजा करना शुभ नहीं है। चौघड़िया मुहूर्त में सुबह 06:24 से सुबह 07.50 बजे तक लाभ चौघड़िया है। उन्होंने बताया कि इस दिन नरसिंह भगवान की पूजा का विशेष महत्व है।
होलिका की परिक्रमा करते समय श्रद्धालुओं को नरसिंह भगवान का नाम लेते रहना चाहिए। होलिका दहन में देशी घी में भीगा हुआ एक जोड़ा लौंग, बताशा सहित पान पर रखकर अपर्ण करने से घर में सुख-शांति की वृद्धि होती है।
होलिका दहन के समय होलिका में सूखे नारियल, पीली सरसों, गोमती चक्र डालने से घर में आने वाली समस्त विघ्न बाधाओं का निवारण हो जाता है। होलिका में देशी घी में भीगे हुये गाय के गोबर के कंडे, राई, उबटन, लकड़ियां, चंदन आदि डालना शुभ होता है।
नरसिंह, प्रह्लाद और हनुमान की पूजा इस दिन विशेष शुभ मानी जाती है। पंचगव्य (गौ दूध, गौ दही, गौ घृत, गौ मूत्र, गौ गोबर) से नरसिंह भगवान की प्रतिमा को स्नान कराएं। इसके बाद पीले वस्त्र पहनाकर, पीले चंदन का तिलक, पीले पुष्प द्वारा पूजा करें।
पंच मेवा, खीर, मीठे पुअे का भोग लगाकर, पीली सरसों के तेल का दीपक जलाएं। मुख्य द्वार पर भी दीपक जलाना चाहिए। इसके बाद आरती आदि कर नरसिंह मंत्र या नरसिंह स्त्रोतों का पाठ करना चाहिए।
एसपी अलंकृता सिंह ने बताया कि होलिका दहन के लिए विशेष व्यवस्था लागू की जाएगी। मंदिरों पर होने वाली पूजा-अर्चना शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस ने तैयारी कर ली है। श्री चंडी मंदिर रोड पर भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा। होलिका दहन के अवसर पर लैपर्ड पर तैनात पुलिसकर्मी इलाके में गश्त करेंगे।