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डुबकी के साथ नौकायन करने वालों का लगता है तांता

Mon, 27 Jun 2016 12:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो /हापुड़
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गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी से खादर में बढ़ी बेचैनी - फोटो : अमर उजाला
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भक्ति और मस्ती का अनूठा संगम ब्रजघाट गंगानगरी में पर्यटन की नई संभावनाओं की ओर इशारा कर रहा है। गंगानगरी में देशभर के भक्तों की भीड़ तो डुबकी लगाने को उमड़ती ही है। वहीं, चिलचिलाती धूप और तपिश की मार झेलने वाले लोग भक्ति के साथ मौज मस्ती के लिए भी पहुंच रहे हैं। गंगानगरी के घाटों पर डुबकी के साथ नौकायन करने वालों का तांता लगा रहता है। यहां के लोगों की सरकार से तीर्थनगरी के साथ पर्यटन स्थल के रूप में गंगानगरी को विकसित किए जाने की मांग की है।
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   बता दें कि 10 नवंबर 2012 को मेरठ में कन्या विद्या धन और बेरोजगारी भत्ता के चैक बांटने आए सीएम अखिलेश यादव ने गढ़-ब्रजघाट गंगानगरी को तीर्थनगरी के साथ पर्यटक स्थल के रूप में भी विकसित कराने की घोषणा की थी। लेकिन इन घोषणाओं को अमली जामा पहनाने के कोई प्रयास नहीं हुए। इस ओर सरकार की ओर से गंभीर प्रयास किए जाएं तो गंगानगरी की कायापलट होने में देर नहीं लगेगी। हरवंश सोनीपत, महेशपाल नजफगढ़ और रमेश चंद कोटा का कहना है कि सरकार को गढ़-ब्रजघाट गंगानगरी में पर्यटन के लिहाज विकास कराए जाने चाहिए। ब्रजघाट वेस्ट यूपी का सबसे बढ़ा पर्यटक स्थल भी बन सकता है।


लोगों की भीड़ से व्यापारियों के भी खिले चेहरे
स्कूल-कॉलेजों की छुट्टियों के चलते दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान समेत विभिन्न महानगरों के लोग अपने परिवारों के साथ आए हुए हैं। यहां आकर गंगा में डुबकी, मंदिरों में इष्ट देवों के दर्शन के साथ गर्मी से बचाव के लिए नौकायन सहित पानी से लबालब बालू रेत में खूब मौज मस्ती कर रहे हैं। साथ ही साप्ताहिक अवकाश वाले दिनों में तो भक्तों का रेला गंगानगरी में लगता है। लोगों की भारी चहल-पहल से व्यापारियों के चेहरे भी खिले हुए हैं।
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क्या कहते हैं जन प्रतिनिधि
क्षेत्रीय विधायक और प्रदेश के मनोरंजन कर मंत्री मदन चौहान का कहना है कि हरिद्वार के उत्तराखंड में जाने के बाद वेस्ट यूपी में गढ़-ब्रजघाट गंगानगरी ही सबसे महत्वपूर्ण तीर्थस्थली रह गई है। गंगानगरी के चहुमुखी विकास के लिए प्रदेश सरकार गंभीर है। हाल में संपन्न विधानसभा सत्र में इस बाबत सवाल उठाया गया। जल्द ही सीएम से भेंट कर गंगानगरी के चहुमुखी विकास से जुड़ी योजनाओं को शुरू कराया जाएगा।

चेयरमैन संगीता पुरुषोत्तम का कहना है कि पालिका स्तर से जुड़े सीमित संसाधनों के बल पर तीर्थनगरी की कायापलट किया जाना आसान नहीं है। पर्यटन को बढ़ावा और विकास योजनाओं से जुड़ा प्रारूप तैयार कर शीघ्र ही मंजूरी के लिए सीएम और नगर विकास मंत्रालय को भेजा जाएगा।
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