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बिजली किल्लत से चढ़ा पारा-

Tue, 24 May 2016 10:15 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
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बिजली न मिलने पर फूटा गुस्सा - फोटो : अमर उजाला
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नगर के मोहल्ला न्यू शिवनगर के लोगों का गुस्सा बिजली न मिलने पर फूट पड़ा। कालोनी के सौ से ज्यादा परिवारों को 35 साल से बिजली लाइन तैयार न करने से नाराज लोगों ने आरपार का मोर्चा खोल दिया।
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दोपहर में गढ़ रोड पर जाम लगाकर धरने पर बैठ गए। पुलिस ने जैसे-तैसे समझाकर जाम खुलवाया तो लोग जिला मुख्यालय पर पहुंचकर प्रदर्शन करने लगे। लोगों का आरोप था कि कालोनी को बसे करीब 35 वर्ष हो चुके हैं।

मोहल्ले में शत प्रतिशत लोगों द्वारा कनेक्शन लिए जाने के बावजूद भी वहां विद्युत पोल, तार नहीं लगाए गए हैं। ऐसे में लोगों को केबिल के माध्यम से आपूर्ति मिल रही है। आए दिन केबिल टूटकर नीचे गिर जाते हैं। इससे जान माल का खतरा बना रहता है और रोजाना घंटों तक सप्लाई ठप रहती है।
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इस संबंध में निगम अफसरों से शिकायत की जा चुकी है। बिजली न मिलने और कारपोरेशन अफसरों की लापरवाही से गुस्साए लोगों ने गढ़ रोड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर जाम लगा दिया। करीब एक घंटे पर रोड पर जाम लगा रहा।

इससे वाहनों को दूसरे रास्तों से होकर निकलना पड़ा। देहात थाना पुलिस ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने जिला मुख्यालय पर भी जोरदार प्रदर्शन किया। इस संबंध में लोगों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर जल्द राहत न मिलने पर आंदोलन की चेतावनी दी।


प्रदर्शन करने वालों में धर्मपाल सिंह, गंगाराम, रामनिवास, अमरपाल, सुरेंद्रपाल, बुद्धप्रकाश, विनोद कुमार, जय प्रकाश, सुखपाल सिंह, किशनलाल सहगल, श्रीपाल, फूल सिंह, कौशल कुमार, नरेंद्र कुमार, अजब सिंह, गंगाराम, संजीव, प्रेमवती, प्रदीप कुमार, कुंवरपाल सिंह आदि मौजूद रहे।

सोमवार को तेज आंधी ने हापुड़ डिवीजन के चार बिजलीघरों को ठप कर दिया। इससे रात भर दर्जनों गांवों में ब्लैक आउट रहा। आंधी के कारण जंगलों के बीच से गुजर रही विद्युत लाइन पर पेड़ की शाखा गिरने से यह समस्या बनी थी।

हजारों ग्रामीणों को बिजली किल्लत के चलते गर्मी, मच्छर और पानी की किल्लत से परेशानी हुई। आंधी के कारण 30 विद्युत पोल भी क्षतिग्रस्त हो गए। मोदीनगर रोड स्थित 132 केवी क्षमता के ट्रांसमिशन पावर स्टेशन से मोदीनगर रोड, जसरूपनगर, धीरखेड़ा, वझीलपुर में बने बिजलीघरों को आपूर्ति दी जाती है।

33 केवी क्षमता के इन बिजलीघरों से हापुड़ डिवीजन के करीब 60 गांवों को आपूर्ति मिलती है। सोमवार को आंधी के कारण इन गांवों के हजारों लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।

तेज धूल भरी आंधी के कारण 33 केवी क्षमता के बिजलीघरों से गांवों को जाने वाली विद्युत लाइन पर जंगलों में पेड़ की शाखा गिरने से जसरूपनगर, मोदीनगर रोड, धीरखेड़ा बिजलीघर की आपूर्ति बाधित हो गई। बड़े फाल्ट से बचने के लिए इन बिजलीघरों की आपूर्ति 132 केवी क्षमता के बिजलीघर से बंद कर दी गई।

इससे क्षेत्र के वझीलपुर, खडख़ड़ी, धनौरा, दोयमी, सरावनी, असौड़ा, कैली, पांची, सरावा, जोगीपुरा, बदनौली, कूड़ी, कबट्टा, धीरखेड़ा, बड़ा गांव समेत पांच दर्जन गांवों की आपूर्ति गुल हो गई।

वहीं वझीलपुर बिजलीघर के ट्रांसफार्मर में फाल्ट से यह बिजलीघर मंगलवार शाम तक भी चालू नहीं हो सका था। वहीं देहात में आंधी के कारण करीब 30 विद्युत पोल भी क्षतिग्रस्त हो गए।  

आंधी से लाइन में ब्रेक डाउन और फिर बिजलीघर का ट्रांसफार्मर फुंकने से बिजली सप्लाई 32 घंटों तक गुल रही, जिससे गढ़-ब्रजघाट समेत 65 से अधिक गांवों के हजारों परिवारों को पीने का पानी तक नहीं मिल पाया।

चिलचिलाती धूप और तपिश भरी गर्मी का कहर बुरी तरह रुला रहा है, वहीं बिजली की बेरुखी थमने की बजाए लगातार बढ़ती जा रही है। क्योंकि रविवार की देर रात में दो बजे गायब हुई सप्लाई ने 32 घंटों की लंबी अवधि बीतने के बाद मंगलवार की दोपहर में 12 बजे के बाद दर्शन दिए हैं।

परंतु इसके बाद भी ताबड़तोड़ ढंग में कट लगने से देर शाम तक सप्लाई बुरी तरह प्रभावित रही। बिजली की इस बेरुखी से गढ़-ब्रजघाट समेत क्षेत्र से जुड़े 65 से भी अधिक गांवों में रहने वाले हजारों परिवारों को चौतरफा दिक्कत झेलनी पड़ीं।

क्योंकि बिजली गुल रहने के दौरान पानी की जबरदस्त किल्लत झेलनी पड़ी, तो वहीं मच्छरों ने चैन की नींद भी छीन ली। बिजली की बेरुखी के चलते देर रात तक गली-मुहल्लों से छोटे बच्चों के रोने-बिलखने की आवाजें आती रहीं।

वृद्ध और रोगियों के साथ ही चूल्हा चौका संभालने वाली महिलाएं भी बुरी तरह परेशान रहीं, जिन्हें गर्मी में घरेलू कामकाज करने के दौरान खूब पापड़ बेलने पड़े।
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