शांतिभंग के दो आरोपियों को एसडीएम कोर्ट में पेश करने आए हाफिजपुर थाने के एक सिपाही को अधिवक्ताओं ने पीट दिया। जिससे कचहरी में अफरातफरी मच गई। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर मारपीट और बदसलूकी करने के आरोप लगाए हैं।
बाद में अधिवक्ता कोतवाली पहुंचे और अधिकारियों से बातचीत की। हाफिजपुर थाने का सिपाही सुनहरी लाल मंगलवार को गांव महमूदपुर के विजयपाल और वीरेंद्र को शांतिभंग की धारा में एसडीएम कोर्ट में पेश करने कचहरी आया था।
इस दौरान अधिवक्ता मौ. बिलाल ने वीरेंद्र की जमानत कराने के लिये जानकारी की। सिपाही ने कस्टडी में आरोपी से बात करने से मना किया तो कहासुनी हो गई। अधिवक्ता का आरोप है कि परिचय देने के बावजूद सिपाही ने अभद्रता की। इसी बीच अन्य अधिवक्ता पहुंच गए।
अधिवक्ताओं और सिपाही के बीच मारपीट और धक्का मुक्की शुरू हो गई। इससे कचहरी में अफरातफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और मामला शांत कराया।
सिपाही और अधिवक्ता के बीच मारपीट की सूचना से पुलिस अफसरों में हड़कंप मच गया। इसी बीच बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल शिशौदिया और सचिव रविंद्र निमेष के नेतृत्व में अधिवक्ता सत्यपाल सिंह तोमर, युसुफ कुरैशी, तेजपाल सिंह,
भोपाल सिंह शिशौदिया, नरेंद्र सिंह मान, सुनील अग्रवाल, खालिद खां, नवनीत गहलौत, परवेज, विजय चौहान आदि कोतवाली पहुंच गए। सीओ सिटी विशाल यादव, सीओ पिलखुवा शैलेंद्र सिंह राठौर भी वहां पहुंचे और दोनों पक्षों ये बातचीत कीं।
बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बातचीत कीं, लेकिन सिपाही अधिवक्ताओं पर कार्रवाई की मांग पर अड़ा रहा। उसका कहना था कि उस पर मारपीट के लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं।
कोतवाली में जब सिपाही को पीटने की सूचना फ्लैश हुई तो हाफिजपुर एसओ संजय यादव भी कोतवाली पहुंच गए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में वार्ता के दौरान अधिवक्ताओं से कहा कि अगर उनका सिपाही अधिवक्ता को दो थप्पड़ मार दे तो आपको कैसा लगेगा?
यह सुनकर अधिवक्ता तिलमिला गए और कहा कि ऐसा कैसे हो सकता है? सीओ ने दोनों पक्षों को किसी तरह शांत किया। बाद में अधिवक्ता कोतवाली से चले गए।