हापुड़/धौलाना। हसनपुर स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय की सहायक अध्यापिका ने प्रधानाध्यापक पर स्कूल में वंदे मातरम का विरोध करने और उन पर धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। उनके आरोपों की जांच के लिए जिलाधिकारी ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है। वहीं, प्रधानाध्यापक असलम खान ने वंदे मातरम गाते हुए बच्चों का वीडियो जारी कर आरोपों पर अपनी सफाई दी है।
सहायक अध्यापिका हेमा रानी ने बीएसए कार्यालय में दी शिकायत में बताया कि विद्यालय का माहौल काफी खराब किया जा रहा है। प्रार्थना के समय मुस्लिम बच्चों को हाथ भी नहीं जोड़ने दिया जाता। एक दिन प्रधानाध्यापक की अनुपस्थिति में वंदे मातरम गवाया गया तो अगले दिन प्रधानाध्यापक ने इस पर कड़ा एतराज जताया। हेमा का कहना है कि प्रार्थना के समय हिंदू बच्चे हाथ जोड़कर प्रार्थना करते हैं, जबकि मुस्लिम बच्चे हाथ बांधकर खड़े रहते हैं। इससे बच्चों पर बुरा असर पड़ रहा है। हेमा ने बताया कि उसने एक मुस्लिम से शादी की है, लेकिन धर्म परिवर्तन नहीं किया। प्रधानाध्यापक उस पर धर्म परिवर्तन करने का दबाव बना रहे हैं। इसे लेकर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं।
हेमा का कहना है कि विद्यालय में बनी प्रयोगशाला में नमाज पढ़ी जाती है। खंड शिक्षा अधिकारी से इसकी शिकायत के बाद वहां प्रैक्टिकल शुरू हो सके। इसके पहले उसमें ताला ही लगा रहता था। हेमा ने स्कूलों की दीवारों को मुस्लिम शासकों की गौरवगाथा और वंशों के उल्लेख से भरने का वीडियो भी जारी किया है। इसके अलाव मिड-डे मील में भी अनियमितता का आरोप लगाया है।
छुट्टी लेने पर टोका तो लगाया आरोपसहायक अध्यापिका हेमा रानी 776 दिनों में से सिर्फ 224 दिन ही स्कूल आई हैं। लगातार अवकाश लिए जाने पर उन्हें टोका गया था। इससे क्षुब्ध होकर उन्होंने ये आरोप लगाए हैं। स्कूल में वंदे मातरम गवाया जाता है। इसका वीडियो भी मेरे पास है। -असलम खान, प्रधानाध्यापक।
जांच रिपोर्ट आने पर होगी कार्रवाई
मामला संज्ञान में है। प्रथम दृष्टया मिले शिकायती पत्रों में आपसी विवाद सामने आया है। जिलाधिकारी ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। कमेटी की जांच आख्या आने पर ही कार्रवाई की जाएगी। -रितु तोमर, बीएसए।