फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्वाइन फ्लू : 50 घरों का हुआ सर्वे, मरीज के संपर्क में आए लोगों को खिलाई दवा

Fri, 08 Mar 2024 10:35 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
विज्ञापन
विज्ञापन
हापुड़। मेरठ के अस्पताल में भर्ती हापुड़ के गांव निवासी स्वाइन फ्लू से पीड़ित मरीज के घर के पास 50 घरों का सर्वे कराया गया। वहीं, संपर्क में आए लोगों को दवा खिलाई गई है। चारों ब्लॉकों में आरआरटी (रेपिड रिस्पोंस टीम) गठित की है। फिलहाल मरीज को स्वाइन फ्लू होने का स्रोत नहीं मिला है, हालांकि मरीज की हालत में सुधार होना बताया जा रहा है।
विज्ञापन


नोडल अधिकारी डॉ. राजश्री ने बताया कि मरीज के घर और आस-पास के लोगों के सेहत की निगरानी कराई जा रही है। किसी में स्वाइन फ्लू के लक्षण नहीं मिले हैं। मरीज के संपर्क में आने वाले कुछ परिजनों को मेरठ के अस्पताल द्वारा दवाएं खिला दी गई थी, जो लोग बचे थे उन्हें यहां दवा खिला दी गई है।

उन्होंने बताया कि हापुड़, गढ़, सिंभावली, धौलाना ब्लॉक स्तर पर रेपिड रेस्पोंस टीम गठित की गई हैं, हर टीम में छह छह सदस्य शामिल हैं। फिलहाल जिले में स्वाइन फ्लू को लेकर ब्रेक आउट की स्थिति नहीं है। ऐसा हुआ तो टीमें बढ़ायी जाएंगी। उन्होंने बताया कि मरीज की कोई ट्रेवलिंग हिस्ट्री नहीं है, उनका बेटा दिल्ली आता जाता है, अंदेशा है कि वहीं से संक्रमण आया होगा। लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।
विज्ञापन




2019 में सात लोगों की हुई थी मौत

वर्ष 2019 में स्वाइन फ्लू का ब्रेक डाउन हुआ था। उस साल 25 मरीज स्वाइन फ्लू की चपेट में आए थे, जिसमें सात लोगों की मौत भी हुई थी। वर्ष 2014 में भी स्वाइन फ्लू के बहुत से मामले सामने आए थे।



-इस साल एक मरीज की गई जान

जिले में इस साल जनवरी से अब तक चार मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इनमें एक व्यक्ति की मौत भी हो चुकी है, जो हापुड़ शहर के एक मोहल्ले के ही रहने वाले थे। हाल ही में एक और मौत हुई है, हालांकि रेपिड रेस्पोंस टीम को उसकी रिपोर्ट नहीं मिल सकी है।



-स्वाइन फ्लू के लक्षण-

फिजिशियन डॉ.अशरफ अली ने बताया कि जब लोग स्वाइन फ्लू के वायरस से संक्रमित होते हैं, तो उनके लक्षण आमतौर पर मौसमी इन्फ्लूएंजा के लोगों के समान ही होते हैं। इसमें बुखार, थकान, और भूख की कमी, खांसी और गले में खराश शामिल हैं। कुछ लोगों को उल्टी और दस्त भी हो सकती है।



कोट -

स्वाइन फ्लू के मरीज और संपर्क में आने वाले लोगों की निगरानी कराई जा रही है। पर्याप्त दवाओं का स्टॉक भी उपलब्ध है। मरीजों को घबराने की जरूरत नहीं है, मेरठ के अस्पताल में भर्ती मरीज की हालत में सुधार है।डॉ.सुनील त्यागी, सीएमओ।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें