प्रदेश सरकार भले ही प्राइमरी स्कूलों के बच्चों को सीबीएसई की तर्ज पर शिक्षा देने की पहल कर रही हो लेकिन सुविधाओं के मामले में सरकार बेहद उदासीन है। आलम यह है कि भीषण गर्मी में बच्चे स्कूल में बिना पंखे के पढ़ाई कर रहे हैं।
इतना ही नहीं स्कूलों में फर्नीचर तक की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में नौनिहाल खुले आसमान के नीचे शिक्षा ग्रहण करने को विवश हैं। जिले में 400 से अधिक प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूल हैं।
शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों में गर्मी के दिनों में पंखे और फर्नीचर की व्यवस्था की जाती है। इसके लिए बाकायदा हजारों रुपये का बजट भी जारी किया जाता है। ताकि बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने में कोई दिक्कत न हो लेकिन जिले के अफसरों की लापरवाही के चलते अधिकांश स्कूलों से पंखे ही गायब हो गए हैं।
हामिद कन्या पाठशाला, शिवा प्राइमरी स्कूल सहित अधिकांश शिक्षण संस्थान ऐसे हैं, जहां बच्चे भीषण गर्मी में बिना पंखों के शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। पंखे नहीं होने की वजह से बच्चों को पेड़ों के नीचे बैठाकर पढ़ाया जा रहा है।
जिन स्कूलों में पंखे नहीं हैं, वहां पंखे लगवाकर समस्या का समाधान किया जाएगा।- एमपी वर्मा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी