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सुप्रीम कोर्ट में हार से एसएसवी कॉलेज प्राचार्य भी पद से हटेंगे

Fri, 15 Jul 2016 10:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
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Supreme Court - फोटो : Images
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प्रदेश के 158 डिग्री कॉलेजों में आयोग द्वारा वर्ष 2007 में नियुक्त किए गए प्राचार्यों को सुप्रीम कोर्ट ने भी झटका दे दिया। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है। इसके चलते एसएसवी पीजी कॉलेज हापुड़ के प्राचार्य राजेंद्र कुमार को अपना पद छोड़ना पड़ेगा।
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सूत्रों के अनुसार उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग इलाहाबाद ने वर्ष 2003 में 158 प्राचार्यों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया था। इसके बाद फिर से 2005 में विज्ञापन जारी कराया गया और वर्ष 2007 में उक्त नियुक्तियां की गई।

इन नियुक्तियों में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का आरोप लगा तो भूचाल आ गया। एसएसवी पीजी कालेज में वाणिज्य विभागाध्यक्ष मधु सूदन त्रिपाठी और केएन उपाध्यक्ष आदि ने इन नियुक्तियों को लेकर हाईकोर्ट में रिट दायर कर दिया।
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मधु सूदन त्रिपाठी ने बताया कि हाईकोर्ट ने उनकी रिट स्वीकार करते हुए इलाहाबाद के तत्कालीन मंडलायुक्त को मामले की जांच का आदेश दिया था। जांच रिपोर्ट में माना था कि प्राचार्यों की नियुक्तियों में अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हुआ है।

इस रिपोर्ट पर हाईकोर्ट ने सभी 158 प्राचार्यों की नियुक्तियों को निरस्त कर दिया था। इस पर प्राचार्य सुप्रीम कोर्ट चले गए। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुनाया जिसमें प्राचार्य हार गए।

सुप्रीम कोर्ट में मधु सूदन त्रिपाठी आदि की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता अशोक कुमार शर्मा (तुमडै़ल) ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के दो न्यायाधीशों की बेंच ने हाईकोर्ट इलाहाबाद के आदेश को सही मानते हुए प्राचार्यों की अपील खारिज कर दी है। 
 
उल्लेखनीय है कि जेवी जैन डिग्री कॉलेज सहारनपुर के लेक्चरार राजेंद्र कुमार को आयोग ने वर्ष 2007-8 में एसएसवी पीजी कॉलेज हापुड़ का प्राचार्य नियुक्त किया गया था जो अब तक तैनात हैं।  

उनसे सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बारे में जानकारी की गयी तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि हां वह लोग सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा हार गए हैं। सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय से राजेंद्र कुमार का अपने पद से हटना लगभग तय है।  
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