हर्ष और उल्लास के त्योहार दिवाली पर लोगों ने खूब आनंद लिया। वहीं, पटाखों और आतिशबाजी के कारण इसके दुखद परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं। चिकित्सकों के पास ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं जो पटाखे छुड़ाने के दौरान झुलस गए थे।
इसके अलावा मिलावटी मिठाइयों के शिकार भी पेट संबंधी रोगों से परेशान हैं। पटाखे छुड़ाने के कारण शहर में जगह-जगह युवाओं और बच्चों के झुलसने की सूचनाएं मिल रही हैं। पिछले दो दिनों में चिकित्सकों के यहां ऐसे मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है।
चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. एसके गुप्ता ने बताया कि पटाखों से झुलाने के कई केस आए हैं। अधिकतर मरीज बच्चे हैं, जो पटाखे छुड़ाने के दौरान झुलस गए थे। टीचर्स कालोनी निवासी मन सागर का चेहरा बारुद से जल गया।
वहीं, शिवपुरी निवासी अमन सिंह, लज्जापुरी निवासी गुनगुन, अमरदीप, श्रीनगर निवासी शुभम गर्ग, आवास विकास निवासी शिवांगी भी पटाखे छुड़ाने के दौरान झुलस गए। डॉ. गुप्ता ने बताया कि झुलसे हुए लोग लापरवाही न करें और चिकित्सक की सलाह लेकर इलाज कराएं।
वहीं, फिजीशियन डॉ. पराग शर्मा ने बताया कि त्योहार के बाद पेट दर्द की शिकायत लेकर भी काफी मरीज आ रहे हैं। बहुत से रोगी मिठाई अधिक खाने से भी बीमार पड़े हैं।