हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी गंगा में धड़ल्ले से गणपति की मूर्तियों का विसर्जन किया जा रहा है। इसके विरोध में शनिवार को नमामि गंगे समिति ने प्रदर्शन किया। समिति ने नदी में मूर्तियों का विसर्जन बंद न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
नमामि गंगे समिति के जिला संयोजक अशोक शर्मा ने कहा कि एक तरफ केंद्र सरकार मोक्ष दायिनी गंगा की स्वच्छता को लेकर तमाम कार्यक्रम चला रही है, वहीं प्रदेश में एनजीटी और हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना की जा रही है।
डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि केमिकल युक्त रंगों से रंगी मूर्तियां गंगा को प्रदूषित कर रही हैं। इसे रोकना बेहद जरूरी है। पुलिस और प्रशासन की अनदेखी के कारण ब्रजघाट में मूर्तियों का विसर्जन बेरोकटोक हो रहा है। विसर्जन न रोके जाने पर उन्होंने बडे़ स्तर पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
प्रदर्शन में नरेंद्र तोमर, डॉ. अविनाश शर्मा, सुमन प्रकाश त्यागी, डॉ. मगन, सतनाम यादव, रोहित मल्होत्रा, विनय त्यागी, महेंद्र चौहान, मोहन केवट, दीपचंद केवट, दलबीर, योगेंद्र पहलवान, उमा देवी सहित दर्जनों कार्यकर्ता शामिल रहे।
एसडीएम शमशाद हुसैन ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुसार देवी-देवताओं की मूर्तियों को गंगा में विसर्जित नहीं होने दिया जाएगा। अगर गढ़-ब्रजघाट गंगा में मूर्तियों का विसर्जन हुआ है तो इसकी जांच कराकर लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।