हापुड़। कथा वाचक प्रदीप मिश्रा का बुधवार को समापन हो गया। अंतिम दिन कथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं का पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। कथा समाप्त होने के बाद शहर में करीब तीन घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही, जिससे लोगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी।
बुधवार को कथा का समय सुबह आठ बजे से था। लेकिन हाईवे-9 किनारे स्थित जेएमएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन का मैदान सुबह छह बजे ही खचाखच भर गया। बताया जा रहा है कि पांचवें और अंतिम दिन सबसे अधिक भीड़ रही। सुबह जाम नहीं रहा, लेकिन कथा छूटने के बाद दोपहर को करीब 12 बजे वाहनों का दबाव बढ़ा तो शहर की सड़कों पर जाम लग गया। दोपहिया, ऑटो और बसों मेंं सवार लोग जाम के कारण परेशान हो गए। लोग पैदल ही जाम को पार करने का प्रयास करते नजर आए। करीब तीन घंटे बाद ही लोगों को कुछ राहत मिल सकी। उधर, पांच दिवसीय कथा समाप्त होने पर अधिकारियों ने राहत की सांस ली। एसपी ज्ञानंजय सिंह ने व्यवस्था में लगे एएसपी विनीत भटनागर, सीओ सुनीता चौहान, बाबूगढ़ थाना प्रभारी विजय गुप्ता, हाफिजपुर प्रभारी आशीष कुमार, महिला थाना प्रभारी अरुणा राय और यातायात निरीक्षक उपदेश कुमार सहित सभी पुलिसकर्मियों को बधाई दी है।
कथा समाप्त होने के बाद सामान लूटने की मची होड़
कथा वाचक प्रदीप मिश्रा के मंच से जाने के बाद कुछ लोगों ने मंच की ओर बढ़ना शुरू कर दिया। बाउंसरों और पुलिस के रोकने के बावजूद लोग मंच पर चढ़ गए। कथा वाचक के सिंहासन पर बिछे तकिये, चादर और अन्य सामान कब्जे में लेना शुरू कर दिया। लोग यहां रखा सामान और श्रद्धालुओं में वितरित करने वाले बेलपत्र भी ले गए। इस दौरान काफी अफरातफरी का माहौल रहा।
वाहन पार्किंग में बुजुर्ग की हृदयगति रुकने से मौत
हाफिजपुर। कथा के अंतिम दिन एक बुुजुर्ग वाहन पार्किंग में जाकर बैठ गए। इस दौरान सेब खाते समय वह बेहोश हो गए। श्रद्धालुओं की मदद से एंबुलेंस के माध्यम से बुजुर्ग को अस्पताल में भर्ती कराया। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सीओ अनीता चौहान ने बताया कि मृतक बुजुर्ग की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं।