गढ़मुक्तेश्वर। संभल में हुई हिंसा के बाद राजनीति गरमा रही है। पिछले कई दिनों से कोई न कोई नेता संभल जाने के लिए प्रयास कर रहा है। सोमवार की सुबह संभल जाने की सूचना पर पुलिस ने कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मिथुन त्यागी को उनके घर पर नजर बंद कर दिया। प्रदेश सचिव को उनके काफिले के साथ गांव दौताई के बाहरी छोर पर रोक दिया।
संभल में मस्जिद के सर्व के दौरान हुए बवाल के बाद राजनीतिक दलों के नेता पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे हैं। शांति व्यवस्था कायम रखने और माहौल न बिगड़े, इसके लिए पुलिस उन्हें जाने से रोक रही है। पिछले सप्ताह कांग्रेस पार्टी से सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के संभल जाने की सूचना मिली थी, लेकिन वह नहीं आए। सोमवार को भी कांग्रेस नेताओं के संभल जाने की सूचना पर गढ़ में पुलिस-प्रशासन सतर्क हो गया। कोतवाली पुलिस ने रविवार की रात ही जिलाध्यक्ष मिथुन त्यागी को उनके घर पर नजरबंद कर दिया। जबकि गांव दौताई निवासी प्रदेश सचिव डॉ. शोएब को उनके काफिले के साथ गांव के बाहरी छोर पर पुलिस ने रोक दिया। मिथुन त्यागी का आरोप है कि देश में पहली बार ऐसा हो रहा है कि मृतक लोगों के परिजनों से मिलने के लिए जाने वालों को रोका जा रहा है। सरकार की इस प्रकार की तानाशाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शीघ्र ही संगठन हाईकमान के निर्देश का पालन करते हुए आगे की रणनीति बनाई जाएगी।