गढ़मुक्तेश्वर। बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव सदरपुर में गंगा एक्सप्रेसवे पर भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों के लिए टोल निशुल्क सुविधा की मांग को लेकर शुरू हुआ विवाद बुधवार को बहादुरगढ़ थाने तक पहुंच गया।
भाकियू महाशक्ति के कार्यकर्ताओं ने थानाध्यक्ष पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए थाना परिसर का घेराव कर करीब दो घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया।
इसके बाद सीओ स्तुति सिंह और थानाध्यक्ष इंद्रकांत यादव के खेद व्यक्त करने के बाद मामला शांत हो गया। मंगलवार को भाकियू महाशक्ति के सैकड़ों कार्यकर्ता और किसान गांव सदरपुर स्थित गंगा एक्सप्रेसवे टोल प्लाजा पर पहुंचे थे।
किसानों की मांग थी कि जिन ग्रामीणों की भूमि एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई है, उन्हें टोल शुल्क से मुक्त किया जाए। इसी दौरान एक्सप्रेसवे कंपनी के अधिकारियों ने पुलिस को मौके पर बुला लिया। संगठन के पदाधिकारियों का आरोप है कि समझाने पहुंचे थानाध्यक्ष इंद्रकांत यादव ने किसानों और संगठन पदाधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया और विरोध करने पर मुकदमे दर्ज कर जेल भेजने की चेतावनी दी।
इस घटना से नाराज कार्यकर्ताओं ने बुधवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह के नेतृत्व में बहादुरगढ़ थाने का घेराव कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। धरना-प्रदर्शन की सूचना पर सीओ स्तुति सिंह मौके पर पहुंचीं और प्रदर्शनकारियों से वार्ता की। इस दौरान थानाध्यक्ष इंद्रकांत यादव ने कहा कि यदि उनकी किसी बात से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह उसके लिए खेद व्यक्त करते हैं। वहीं, सीओ ने भी पूरे घटनाक्रम पर खेद जताते हुए निष्पक्ष संवाद का भरोसा दिलाया। इसके बाद संगठन के पदाधिकारियों ने धरना समाप्त कर दिया।
इस मौके पर जिला अध्यक्ष नितिन चौहान, पश्चिम उत्तर प्रदेश मुख्य सचिव अंकुर चौधरी, सुमित जादौन, सुनील भड़ाना, सुधीर चौहान, अर्पण तोमर, अमन चौहान, बंटी लोधी, प्रेम सुंदर, अंकित सिंघल, मनीष तोमर, धर्मेंद्र तोमर, धीरज तोमर, विवेक राघव, जीत सिरोही, रोहित अग्रवाल, शिवा ठाकुर, रोहित शर्मा, खुशहाल चौहान आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।