हापुड़। सस्ते लोन दिलाने का झांसा देकर भोले भाले लोगों को ठगने वाले गिरोह का साइबर सेल और नगर कोतवाली पुलिस ने खुलासा किया है। इस अंतरराज्यीय साइबर अपराधी गिरोह की एक युवती समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरोह के सदस्यों ने देश के विभिन्न राज्यों में हजारों लोगों के साथ लाखों रुपये की ठगी की है। उनके खातों में करीब 24 लाख रुपये का लेनदेन हुआ है।
एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि नगर के मोहल्ला ब्रह्मनान निवासी बालकिशन अग्रवाल ने छह अक्तूबर को कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था कि साइबर ठगों ने धोखाधड़ी से लोन देने के नाम पर फर्जी रसीद भेजकर उसके और उसकी पुत्री के साथ 10650 रुपये की ठगी की है। जिसके बाद पुलिस और साइबर टीम ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस टीम ने बृहस्पतिवार रात दो युवती समेत चार लोगों को द्वारका दिल्ली के मोहन गार्डन क्षेत्र के अन्तर्गत 56 फुटा जैन रोड से गिरफ्तार कर लिया। इनकी पहचान आसिफ निवासी ग्राम असारा थाना रमाला जिला बागपत, कृष्ण कुमार निवासी ग्राम तमौला थाना कोसीकलां जिला मथुरा, श्यामवीर निवासी नगला मदार थाना एका जिला फिरोजाबाद व धारना शर्मा निवासी ग्राम तमौला थाना कोसीकलां जिला मथुरा के रूप में हुई थी। वर्तमान में सभी फ्लेट न0 28/29 द्वितीय फ्लोर भगवती गार्डन जैन रोड थाना मोहन गार्डन द्वारका दिल्ली में रहते थे।
ऐसे करते थे लोगों से ठगी -
एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों ने बताया कि वह लोग टाटा कैपिटल कंपनी मुद्रा योजना के अंतर्गत सस्ते ब्याज दर मुद्रा लोन का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम एवं देश भर में जगह-जगह जाकर पंपलेट व पोस्टर के माध्यम से फर्जी मोबाइल नंबरों के साथ विज्ञापन देते थे। जिस व्यक्ति को लोन की आवश्यकता होती थी वह विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबरों पर फोन करता था। ये लोग कॉल करने वाले व्यक्ति को अपने नाम-पते की पहचान छुपाते हुए टाटा कैपिटल कंपनी मुद्रा योजना फाइनेंस के मैनेजर व कर्मचारी बताकर जरुरतमंद लोगों को अपनी बातों में फंसाते थे। मुद्रा योजना में लोन देने के नाम पर उनके आधार कार्ड व पैन कार्ड व्हॉटसएप पर मंगा लेते थे। इसके बाद जो लोग आधार कार्ड व पैन कार्ड नहीं देना चाहते थे। उनके नाम पते की जानकारी लेकर लोन की प्रोसेसिंग फीस फर्जी खातों में जमा कराकर विश्वास में लेने के लिए टाटा कैपिटल मुद्रा योजना फाइनेंस के नाम से फर्जी रसीद तैयार कर व्हॉटसएप पर भेज देते थे। इसके बाद लोन के इंश्योरेंस का कवर देने के लिए अतिरिक्त धनराशि की मांग की जाती थी।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह लोग भोले-भाले लोगों को झांसे में फंसाकर उनके खाते की चैक बुक, पासबुक व डेबिट कार्ड व उसके नाम पते पर सिम चालू कराकर लोन के नाम पर पैसों का लेन-देन किया करते थे। इसी प्रकार आरोपियों ने देश भर में हजारों लोगों के साथ ठगी की हैं। इनके पास से 17 मोबाइल फोन, विभिन्न बैंको के 32 एटीएम कार्ड, 02 लैपटॉप, 8700 रुपये, 10 चैकबुक, 06 पासबुक व रशीद इत्यादि बरामद हुए हैं। इनके खातों में करीब 24 लाख रुपये का लेनदेन पाया गया है।