फार्मेसिस्टों की दो घंटे की हड़ताल ने शुक्रवार को बुखार के मरीजों को बेहाल कर दिया। दो घंटे तक मरीज दवाओं के इंतजार में भटकते रहे। फार्मेसिस्टों ने तीन दिन तक हड़ताल ऐसे ही दो घंटे तक रखने का निर्णय लिया है। 20 सितंबर से अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दी गई है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष जीपी गौतम, मंत्री वाईएन सचान ने बताया कि वह सरकार से वेतन विसंगति, प्रोन्नत मानक निर्धारण, उच्च पदों का सृजन, पदों का पुनर्गठन, 10 वर्ष की सेवा पर राजपत्रित पद के लिए प्रोन्नति, 4600 वेतन बैंड को इग्नोर करने, ट्रॉमा सैंटर में पद सृजन,
पोस्टमार्टम, ब्लड बैंक में कार्यरत फार्मेसिस्ट से ड्रग एक्ट एवं डयूटी लिस्ट के अनुसार कार्य लिये जाने और पेंशन बहाली की मांग उठाई थी। उन्होंने बताया कि सरकार ने आश्वासन के बावजूद उन्हें राहत नहीं दिलाई है। इस संबंध में वह सरकार से कई बार गुहार लगा चुके हैं।
विरोध में शुक्रवार को फार्मेसिस्टों ने दो घंटे तक हड़ताल रखी। इन दिनों सरकारी अस्पतालों में बुखार के मरीजों की भारी भीड़ पहुंच रही है। ऐसे में उन्हें दो मिनट खड़ा हो पाना भी मुश्किल हो जाता है। फार्मेसिस्टों की हड़ताल के चलते मरीजों को दो घंटे तक इधर-उधर भटकना पड़ा।
प्रदर्शन करने वालों में जीपी गौतम, डीपी पालीवाल, वाईएस सचान, एसएस वर्मा, धर्मेंद्र, आनंद वीर, नीरज मलिक, ललित राणा, नीरज सैनी आदि मौजूद रहे। फार्मेसिस्टों ने मांगों का निस्तारण न होने पर 19 सितंबर तक रोजाना दो घंटे की हड़ताल जारी रखने की घोषणा की है।
यह हड़ताल सुबह 9 बजे से 11 बजे तक जारी रहेगी। इस समय ही मरीजों की सबसे ज्यादा भीड़ पहुंचती है। ऐसे में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। फार्मेसिस्टों ने मांगों का निस्तारण न होने पर 20 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है।
सीएमओ डा.एके सिंह का कहना है कि फार्मेसिस्टों की हड़ताल से मरीजों को परेशानी न हो इसका प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही वैकल्पिक व्यवस्था कर दी जायेगी।