गढ़ रोड स्थित मोहल्ला दादाबाड़ी में एक नामचीन तेल कारोबारी के कारखाने पर बुधवार को डीएम के आदेश पर छापामारी की गई। इससे तेल कारोबारियों में हड़कंप मच गया।
एसडीएम ने खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम के साथ कारखाने से सरसों तेल के दो व रिफाइंड का एक सैंपल भरा। इस दौरान व्यापारियों ने विरोध कर हंगामा किया। तेल कारोबारी चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष हैं।
मोहल्ला दादाबाड़ी में ललित कुमार छावनी वाले के परिवार का रिफाइंड और सरसों का तेल का कारोबार है। बुधवार को डीएम के आदेश पर एसडीएम पुष्पराज सिंह ने खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम के साथ कारखाने पर छापामारी की।
बड़े स्तर पर पुलिस बल के साथ कार्रवाई से तेल कारोबारियों में हड़कंप मच गया। छापामारी में एसडीएम पुष्पराज सिंह ने गोदाम में पैक रखे तेल की बोतलों को बाहर निकाला तो हैरान रह गए। अधिकांश बोतलों में भरा तेल जम चुका था।
पैकिंग पर अंकित तिथि के अनुसार तेल एक्सपायर हो चुका था। उन्होंने बेसमेंट में बने करीब 20 ऑयल टैंकों का भी जायजा लिया। कार्रवाई के विरोध में उद्यमियों ने हंगामा शुरू कर दिया। भारी पुलिस बल के आगे उनकी एक न चली।
दोपहर दो बजे से शाम 6 बजे तक कार्रवाई की गई। एसडीएम पुष्पराज सिंह ने बताया कि तेल में मिलावट की सूचना पर डीएम के आदेश पर यह कार्रवाई हुई है। तेल के सैंपल लेकर जांच को भेजा गया है।
उधर तेल कारोबारी ललित का कहना है कि तेल का काफी पुराना कारोबार है। किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं मिली है। तेल के सैंपल लिए गये हैं। इस मौके पर राजीव गर्ग , सोनू बंसल, टुक्कीराम गर्ग, मनीष कंसल, अशोक बबली, वैभव जैन, अशोक छारिया आदि व्यापारी मौजूद रहे।
जिले में रिफाइंड, सरसों के तेल का कारोबार बड़े पैमाने पर होता है। यहां कई नामचीन तेल मिलें थीं, जहां सरसों की पेराई कर तेल बेचा जाता था। अब कई कारखाने ऐसे हैं जहां दूसरे प्रांतों और विदेशों से तेल लाया जाता है। उसको पैक कर सप्लाई किया जाता है।
मोटा मुनाफा कमाने के चक्कर में कुछ कारोबारी मिलावट कर लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। आलम यह है कि तेल में हानिकारक रसायन मिलाए जा रहे हैं। इनसे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम हो रही है।
जानकारों की मानें तो इन दिनों सरसों के तेल में प्रतिबंधित पामोलीन और भूसी ऑयल से भी बद्तर तेल मिलाए जा रहे हैं। यह बच्चों में जलंधर जैसे खतरनाक रोग उत्पन्न कर रहे हैं।
आश्चर्य की बात यह है कि खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम आए दिन सैंपलिंग तो करती है, लेकिन इन मिलावट माफियाओं पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। ह्दय रोग फिजिशियन डा.गौरव मित्तल का कहना है कि मिलावटी तेल से दिल की धमनियां ब्लॉक हो जाती है।
इससे ह्दयाघात की संभावनाएं रहती हैं। बच्चों का पेट फूलना अर्थात जलंधर जैसे बीमारियों भी इसका मुख्य कारण है। उन्होंने बताया कि मिलावटी तेल शरीर के विभिन्न अंगों पर बुरा प्रभाव डालता है।
विशेषज्ञों की मानें तो सरसों का तेल माइनस 30 डिग्री पर जमता है। मिलावट का आलम यह है कि कुछ प्रतिष्ठानों पर बिक रहा तेल इन दिनों देशी घी की तरह जमा हुआ है, जो लोगों की सेहत के लिए बेहद खतरनाक है। छापामारी में भी जमा हुआ तेल मिला है।