एचपीडीए के अफसरों को रहने के लिए अब बंगला नहीं मिलेंगे। इनको एचआईजी और एमआईजी फ्लैट आवंटित किए जाएंगे। बुधवार को मंडलायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में इसका निर्णय लिया गया।
इसके साथ ही अफसरों के बंगलों के लिए पूर्व में आवंटित किए गए 26 भूखंडों को नीलाम करने का निर्णय लिया गया। कमिश्नर ने प्राधिकरण का 360 करोड़ का पुनरीक्षित बजट स्वीकृत कर दिया गया है। बैठक में कुल 11 प्रस्ताव स्वीकृत किए गए।
प्राधिकरण के सचिव एवं वित्त नियंत्रक विश्वजीत राय ने बताया कि बोर्ड बैठक मंडलायुक्त आलोक सिन्हा की अध्यक्षता में आयुक्त सभागार मेरठ में आयोजित की गई। इसमें प्राधिकरण के उपाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह की ओर से कुल 11 प्रस्ताव रखे गए।
सभी प्रस्तावों को कमिश्नर ने स्वीकार कर लिया। मुख्य प्रस्ताव पुनरीक्षित बजट का था। बोर्ड के सामने मार्च मेें वर्ष 2016-17 के लिए प्रस्तुत बजट 280 करोड़ रुपये का था।
देनदारियां निपटाने तथा विकास कार्य बढ़ने के कारण बजट बढ़कर अनुमानत: 360 करोड़ रुपये का हो गया, इसको बोर्ड ने स्वीकृति प्रदान कर दी। इसके अलावा एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्राधिकरण के अफसरों के आवास बनाने पर लिया गया।
इनके लिए आनंद विहार योजना में आरक्षित 26 भूखंडों को अब नीलाम किया जाएगा। अब अधिकारियों को रहने के लिए एचआईजी और एमआईजी फ्लैट आरक्षित कर आंवटित किए जायेंगे।
बैठक में मंडलायुक्त के अलावा जिलाधिकारी हापुड़ अनिल ढींगरा, प्राधिकरण के उपाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह, नामित सदस्य इमरान, संजय यादव, एनसीआर और शासन के प्रतिनिधि समेत एचपीडीए के तमाम वरिष्ठ अधिकारी तथा अनेक विभागों के अधिकारी मौजूद थे।