अब हापुड़ के बच्चों को नवोदय विद्यालय में पढ़ने के लिए गाजियाबाद के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तो जल्द ही जिले में नवोदय विद्यालय की स्थापना हो जाएगी। नवोदय समिति ने डीएम से विद्यालय के लिए 30 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।
जमीन मिलते ही अस्थाई तरीके विद्यालय का संचालन शुरू हो जाएगा। इस संबंध में डीआईओएस ने भी डीएम को रिपोर्ट प्रेषित कर दी है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा संचालित जवाहर नवोदय विद्यालय की हर जिले में स्थापना होनी है।
अब तक हापुड़ में विद्यालय की स्थापना नहीं हुई है। लिहाजा, यहां के बच्चों को नवोदय विद्यालय में पढ़ाई के लिए गाजियाबाद जाना पड़ता है। इन विद्यालयों में छात्रों के लिए आवास और खाने की भी व्यवस्था होती है। नवोदय समिति ने सर्वे कर हापुड़ में भी जवाहर नवोदय विद्यालय संचालित कराने का निर्णय लिया है।
इसी क्रम में गाजियाबाद नवोदय विद्यालय के प्राचार्य पीके रॉय ने जिला विद्यालय निरीक्षक को समिति के निर्णय से अवगत कराया। समिति ने डीएम से जिले में 30 एकड़ भूमि उपलब्ध करने का आग्रह किया है।
इस संबंध में प्राचार्य पीके रॉय ने बताया कि इस विद्यालय के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से बजट में कोई बाधा उत्पन्न नहीं होगी। मंत्रालय से निर्माण के लिए हरी झंडी मिल चुकी है।
डीआईओएस बीके शर्मा ने बताया कि नवोदय समिति ने उनसे वार्ता की है। जमीन की उपलब्धता के लिए उन्होंने डीएम से आग्रह किया है। जल्द ही जिले में नवोदय विद्यालय का संचालन शुरू हो जाएगा।
नवोदय समिति व जवाहर नवोदय विद्यालय गाजियाबाद के प्राचार्य पीके रॉय ने बताया कि यदि 30 एकड़ जमीन की व्यवस्था हो जाती है तो विद्यालय भवन बनने तक वह अस्थाई बिल्डिंग में कक्षाएं शुरू कर देंगे। ऐसे में गाजियाबाद में अध्ययनरत छात्रों को परेशान नहीं होना पड़ेगा।
गाजियाबाद नवोदय विद्यालय में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षा में हजारों की संख्या में स्टूडेंट्स बैठते हैं, लेकिन गाजियाबाद के नवोदय विद्यालय में सीटें कम होने के कारण उन्हें मायूसी हाथ लगती है।
जिले में नवोदय विद्यालय की स्थापना होने से हापुड़ के 100 छात्रों को प्रवेश का मौका मिल सकेगा। फिलहाल हापुड़ के सिर्फ 40 छात्रों को ही गाजियाबाद के नवोदय विद्यालय में पढ़ने का मौका मिल पाता है।