घरेलू जरूरत के लिए ब्याज पर लिए गए कर्ज की किश्त में पुराने नोट न लिए जाने से महिलाओं का गुस्सा बढ़ रहा है। सोमवार को महिलाओं ने थाने का घेराव कर हाईवे जाम करने की कोशिश की। विरोध में प्रदर्शन कर फाइनेंस कंपनी संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
गांव अनूपपुर डिबाई की करीब दो सौ महिलाएं सोमवार को सिंभावली पहुंच गईं। वह नारेबाजी करते हुए थाने के सामने नेशनल हाईवे को जाम करने की कोशिश करने लगीं। पुलिस ने महिलाओं को हाईवे जारम नहीं करने दिया।
इससे उनका गुस्सा और बढ़ गया। महिलाओं ने थाने का घेराव कर लिया और पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन करने लगीं। अख्तरी, भूरी, असगरी, शबाना, सहाना, सज्जो, फरजाना, नईमा, हनीफा, शाइस्ता, खातून का आरोप है कि घरेलू खर्च के लिए ब्याज पर जो रकम उधार ली गई थी, अब उसकी अदायगी करने की बारी है।
निजी फाइनेंस कंपनी संचालक किश्त में हजार और पांच सौ के नोट लेने को तैयार नहीं हैं। जबकि कई दिनों तक लाइन में खड़े होने के बाद भी बैंकों में पैसा नहीं बदल पा रहा है। जबकि निजी फाइनेंस कंपनी संचालक प्रताड़ित कर रहे हैं।
जेब खाली होने से कर्ज की किश्त अदा नहीं हो रही हैं। निजी फाइनेंस कंपनी संचालकों को पुराने नोट लेने को तैयार किया जाए। महिलाओं ने चेतावनी दी कि अगर बड़े नोट नहीं लिए गए तो कर्ज की किश्त अदा नहीं की जाएगी।
एसओ विजय बहादुर सिंह ने कहा कि इस संबंध में प्रशासनिक स्तर से ही कार्रवाई हो पाएगी। अगर कोई फाइनेंस कर्मी किसी महिला से अभद्रता करता है या डराता धमकाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।