कौशांबी डिपो की रोडवेज बसों में गढ़मुक्तेश्वर मेले के नाम पर एक टिकट पर दो रुपये अतिरिक्त शुल्क वसूला जा रहा है। जबकि मेला 16 नवंबर को समाप्त हो चुका है। यात्री इसका विरोध करते हैं तो परिचालक बस से उतरने की धमकी देते हैं।
इससे यात्रियों में रोष व्याप्त है। वहीं, स्थानीय एआरएम ने जानकारी होने से इंकार कर, संबंधित अफसर को जानकारी देने की बात कही है। गढ़मुक्तेश्वर मेले के दौरान रोडवेज की बसों में मेला शुल्क के नाम पर किराए में वृद्धि कर दी गई थी।
हापुड़ से गढ़मुक्तेश्वर तक किराए में दो रुपये वृद्धि की गई थी। शुल्क वृद्धि 16 नवंबर तक की गई थी, लेकिन अभी भी कौशांबी डिपो की बसों में यात्रियों से अतिरिक्त वसूली की जा रही है। नियमों को ताक पर रखकर कौशांबी डिपो की बसों में अभी भी मेला शुल्क लगाकर किराया वसूला जा रहा है।
रोडवेज अफसर भी इस ओर से मूकदर्शक बने बैठे हैं। जबकि यह टिकट ईटीएम मशीनों से बनाए जा रहे हैं। इसमें अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लग गया है।
सोमवार को प्रेमपुरा निवासी नरेश कौशिक ने अतिरिक्त शुल्क देने से मना किया तो परिचालक ने उन्हें बस से उतर जाने की धमकी दी। रोडवेज बसों में तैनात कर्मचारी यात्रियों का शोषण कर रहे हैं।
स्थानीय एआरएम एनपी सिंह का कहना है कि यह मामला मेरी जानकारी में नहीं है। कौशांबी डिपो के एआरएम को इस मामले की जानकारी देकर टिकट में जुड़कर आ रहे मेला शुल्क को हटवाने का प्रयास करुंगा।