मुस्लिम समाज की कुरैशी बिरादरी ने बैठक कर फिजूलखर्ची रोकने के लिए 30 सदस्य कमेटी का गठन किया। यह कमेटी शादियों में होने वाले खर्च पर नजर रखेगी। कुरैशी बिरादरी की बैठक सिकंदर गेट स्थित हाजी नईम के आवास पर हुई।
कमेटी अध्यक्ष हाजी कैसर अली ने कहा कि मुस्लिम धर्म सादगी से खुशियों को मनाने वाला धर्म है। समाज में गरीब व अमीर की खुशियां एक समान होनी चाहिए। इसलिए अमीर व गरीब युवतियों की शादी सामूहिक रूप से कराई जाएगी।
फिजूलखर्ची रोकने के लिए बिरादरी के लोग शादी में डीजे नहीं बजाएंगे। इसके साथ ही शादी के कार्ड पर रोक लगाकर फोन के माध्यम से लोगों को निमंत्रण दिया जाएगा। फिजूलखर्ची रोकने के लिए ढोल, आतिशबाजी आदि पर भी रोक लगाई जाएगी।
नायब सदर हाजी हाशिम ने कहा कि शादी की अनेक रस्मों में समय व पैसे की बर्बादी होती है। इसके साथ ही निमंत्रण फोन के माध्यम से देकर, सामूहिक रूप से विवाह कर धन व समय को बचाया जा सकेगा। बैठक में हजरत मौलाना रियाज अहमद, चौधरी हनीफ, शाहिद, हाजी सलीम, खुर्शीद आदि मौजूद रहे।