गन्ना भुगतान की मांग को लेकर भाकियू ने कलक्ट्रेट पर महापंचायत कर अफसरों से दो टूक कहा कि गन्ना भुगतान हर हाल में चाहिए। भाकियू ने कलक्ट्रेट भवन में पार्टी का झंडा लगा दिया और तालाबंदी करने की कोशिश की। एसडीएम गढ़, हापुड़ व जिला गन्ना अधिकारी ने किसानों से वार्ता की।
किसानों ने 31 जनवरी तक गन्ना भुगतान नहीं होने पर एक फरवरी को हाईवे जाम करने की चेतावनी दी। अफसरों के आश्वासन पर फिलहाल भाकियू ने धरना स्थगित कर दिया। गन्ना भुगतान की मांग पर भाकियू के पदाधिकारी 13 दिन से कलक्ट्रेट पर धरने पर बैठे हैं। बुधवार को भाकियू की महापंचायत हुई।
भाकियू के राष्ट्रीय सचिव सत्यवीर सिंह ने कहा कि प्रशासनिक अफसरों की लेटलतीफी से किसानों को गन्ना भुगतान नहीं मिल पा रहा है। मिल मालिकों पर 16 एफआईआर हैं, लेकिन वह खुले घूम रहे हैं। पदाधिकारियों ने महापंचायत में डीएम व मिल मालिकों को बुलाने की अपील की।
दोपहर बाद तक भी डीएम व मिल मालिक मौके पर नहीं पहुंचे, गुस्साए भाकियू के बुलंदशहर जिलाध्यक्ष कैप्टन बिशन सिंह सिरोही ने जिला मुख्यालय की तालाबंदी का प्रयास किया। इससे पुलिस, प्रशासन के अफसरों के हाथ-पांव फूल गए। हालांकि अफसरों और पुलिस के हस्तक्षेप के बाद तालाबंदी नहीं हो सकी।
महापंचायत में एसडीएम गढ़ केबी सिंह ने बताया कि पांच लाख क्विंटल चीनी सील कर दी है। जिसका मूल्य करीब 150 करोड़ हैं, 22 एकड़ मिल की खाली भूमि कुर्क की जा चुकी है। 15.41 करोड़ का चेक मिल ने दिया है और 28 फरवरी तक 37 करोड़ भुगतान का आश्वासन दिया है।
हापुड़ शमशाद हुसैन व जिला गन्ना अधिकारी नम्रता कश्यप मौजूद ने भी समझाने का प्रयास किया, भाकियू के पदाधिकारी डीएम व मिल मालिकों के महापंचायत में आने की मांग पर अड़े रहे। पदाधिकारियों ने प्रशासन को 31 जनवरी तक भुगतान कराने का अल्टीमेटम दिया।
प्रदेश उपाध्यक्ष कुशल प्रकाश आर्य, जिला प्रभारी दिनेश खेड़ा, जिलाध्यक्ष धनवीर शास्त्री ने कहा कि 31 जनवरी तक गन्ना भुगतान नहीं हुआ तो एक फरवरी हाईवे जाम करेंगे। वहां बिजेंद्र सिंह, चौधरी यशवीर सिंह, नितिन बाना, राम किशन, सुबोध कुमार, किशन सिंह, सुनील कुमार, सुंदर आदि मौजूद रहे।