देहरादून से दिल्ली आ रही मसूरी एक्सप्रेस (14042) के इंजन से शनिवार सुबह बाबूगढ़ स्टेशन के पास नीलगाय टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण की थी कि मांस के लोथड़े इंजन में फंस गए और पावर फेल हो गया।
हादसे से दिल्ली-मुरादाबाद रूट चार घंटे तक बाधित रहा। पांच ट्रेनें में रास्ते में रोक दी गईं। गाजियाबाद से इंजन मंगवाकर करीब चार घंटे बाद ट्रेन को दिल्ली रवाना किया जा सका। अचानक जंगल में ट्रेन के रुकने से भी यात्रियों में अफरातफरी का माहौल रहा।
देहरादून से दिल्ली आने वाली मसूरी एक्सप्रेस का हापुड़ स्टेशन पहुंचने का समय पांच बजकर 35 मिनट है। शनिवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे इस ट्रेन के इंजन से बाबूगढ़ स्टेशन के पास नीलगाय टकरा गई। टक्कर इतनी तेज कि ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त होने से बच गई।
नीलगाय के मांस के लोथड़े फंसने से इंजन फेल हो गया और ट्रेन वहीं रुक गई। हापुड़ स्टेशन के अधीक्षक वीरेंद्र सिंह ने बताया कि बाबूगढ़ रेलवे स्टेशन के माध्यम से चालक ने तत्काल हादसे की सूचना हापुड़ स्टेशन को दी। बीच जंगल में ट्रेन खड़ी होने से यात्रियों में अफरातफरी का माहौल रहा।
इसके बाद एक इंजन भेजकर मसूरी एक्सप्रेस को किसी तरह हापुड़ स्टेशन लाया गया। यह ट्रेन करीब चार घंटे तक दिल्ली-मुरादाबाद रूट पर खड़ी रही। इससे अप लाइन की करीब दो मालगाड़ियों समेत पांच ट्रेनें रास्ते में रोक दी गईं।
गाजियाबाद से दूसरा इंजन मंगवाकर करीब 9:38 बजे ट्रेन को हापुड़ स्टेशन से दिल्ली रवाना किया जा सका। तब यात्रियों ने राहत की सांस ली। इस ट्रेन के प्लेटफार्म नंबर एक पर खड़ी होने से अन्य यात्रियों को दिक्कत झेलनी पड़ी।
मसूरी एक्सप्रेस में हुए हादसे के बाद दो मालगाड़ी समेत पांच ट्रेनों को बीच रास्ते में रोकना पड़ा। इनमें बरेली एक्सप्रेस, पद्मावत एक्सप्रेस और फैजाबाद एक्सप्रेस शामिल हैं।