धौलाना विधानसभा क्षेत्र में लगने वाले अनेक गांवों में मुस्लिम वोटरों का बंटना चर्चा का विषय रहा। वहीं जाट वोटर के करवट बदलने से प्रत्याशियों का गणित भी फेल हो गया। प्रत्याशियों के एजेंट पूरे दिन मतदाताओं को रुख भांपने में लगे रहें।
मतदाता बिना कुछ बताए लोकतंत्र के महापर्व में आहूती देने में मगन रहे। हापुड़ लाइन पार इलाके के आधा दर्जन गांव खासकर दादरी, जोगीपुरा, बदनौली, दस्तोई, अहमदनगर में चुनाव बेहद दिलचस्प रहा।
प्रत्याशियों ने इन गांवों के मतदाताओं को लेकर जो समीकरण तय किए थे। चुनाव के दौरान मतदाताओं ने तमाम समीकरण तोड़ दिए। मुस्लिम मतदाताओं के धुव्रीकरण से प्रत्याशियों समेत उनके एजेंट भी दंग रह गए।
इन गांवों में यह चर्चा का विषय बना रहा, क्योंकि मुस्लिमों का मुख्य उद्देश्य भाजपा को हराना था और उन्हें विपक्षी पार्टी के किसी एक प्रत्याशी को समर्थन करना था। वहीं उत्तर प्रदेश में रालोद के अपने दम पर चुनाव लड़ने के फैसले से प्रत्याशियों द्वारा जाट मतदाताओं को लेकर लगाए जा रहे कयास भी धरे रह गए।
इन गांवों में जाटों ने प्रत्याशियों की सोच के विरुद्ध मतदान किया। बड़ी संख्या में जाट मतदाताओं के रुख बदलने से प्रत्याशियों की धड़कने तेज होने लगी हैं। वहीं मुस्लिम मतदाताओं के सपा-कांग्रेस गठबंधन और बसपा पर जाने से भाजपा कार्यकर्ता फूले नहीं समा रहे हैं।
वहीं प्रत्याशियों के गुर्गे पूरे दिन मतदाताओं का रुख भांपने में लगे रहे, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल सकी।