चुनाव आयोग ने इस बार घर-घर मतदान पर्चियां भिजवाई थीं। महीनों पहले से इसकी जिम्मेदारी बीएलओ को सौंपी गई, लेकिन अनेक बीएलओ की लापरवाही जिले के हजारों मतदाताओं पर भारी पड़ी।
कितने ही वोटरों का नाम वोटर लिस्ट से गायब था। जिसके कारण ये लोग मतदान से वंचित रह गए। जिले की तीनों विधानसभा क्षेत्र में बीएलओ को घर घर मतदाता पर्ची पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गयी थी, लेकिन इसके बावजूद भी कितने ही घरों में मतदाता पर्ची नहीं पहुंची।
मतदाता असमंजस में थे कि किस पोलिंग बूथ पर वोट देने जाए। इसके अलावा कितने ही लोग ऐसे थे जिनकी नाम ही वोटर लिस्ट से गायब हो गए। बाजार बजाजा निवासी आदित्य व उनकी माता कुसुम देवी वोट डालने बूथ पर पहुंचे लेकिन उनका नाम ही वोटर लिस्ट से गायब था।
उन्होंने कहा कि वे वर्षों से वोट डाल रहे हैं लेकिन बीएलओ की लापरवाही से उनकी व उनकी माता दोनों के नाम मतदाता सूची से गायब हो गए। इसके अलावा मजीदपुरा के कितने ही लोगों के नाम वोटर लिस्ट से गायब मिले।
जिसके कारण इनमें जबरदस्त रोष दिया। अधिकतर बूथों पर इस प्रकार की समस्या देखने को मिलीं। इस स्थिति से नई वोट बनाने के लिए करीब तीन महीने चले मतदाता पुनरीक्षण कार्य पर सवाल खड़े हो रहे हैं।