गाजियाबाद से मुरादाबाद के बीच फरवरी से इलेक्ट्रिक इंजन वाली ट्रेनें दौड़ने लगेंगी। इस रूट पर विद्युतिकरण का काम लगभग पूरा गया है।
मंगलवार को अधिकारियों ने इस पर ट्रायल भी किया, जो सफल साबित हुआ है। अब बुधवार को गाजियाबाद-मुरादाबाद रेलवे लाइन पर बिजली दौड़ाई जाएगी।
हालांकि अगले महीने बचा हुआ विद्युतीकरण का काम पूरा कर लिया जाएगा। रेलवे अधिकारी लोगों को इन लाइनों के नीचे से नहीं निकलने की अपील कर रहे हैं।
गाजियाबाद और मुरादाबाद रेलवे लाइन पर विद्युतीकरण का काम लगभग पूरा हो गया है, थोड़ा सा काम गढ़ क्षेत्र और काफूरपुर के पास बचा है।
ट्रेनों को बिजली देने के लिए रेलवे ने काफूरपुर और हापुड़ में बिजलीघरों का निर्माण किया है। अब अधिकारी
गाजियाबाद से हापुड़ तक इस ट्रैक को बिजली देने का काम शुरू कर रहे हैं।
सोमवार को रेलवे ट्रैक पर पावर कारपोरेशन के ट्रांसमिशन विभाग और रेलवे की टीम ने निरीक्षण कर सफल ट्रायल किया।
अब बुधवार को इस ट्रैक से गुजर रहे तारों में बिजली छोड़ दी जाएगी। संभावना है कि फरवरी में गाजियाबाद से मुरादाबाद के बीच ईएमयू ट्रेनें चलने लगेंगी।
मेरठ और हापुड़-मुरादाबाद लाइन के बीच बिजलीघर को बनाया गया है। जिससे मोदीनगर रोड स्थित 132 केवी बिजलीघर से विद्युत आपूर्ति दी जाएगी।
यह लाइन जसरूपनगर और गांव असौड़ा होते हुए आ रही है। जिसके बाद बिजलीघर पर लाइन आने के बाद 25 केवी में तब्दील की जाएी और उसके बाद रेलवे ट्रैक के तारों में प्रवाहित की जाएगी।
रेलवे उपकेंद्र तक विद्युत लाइन बिछाने का काम पूरा हो गया है। बुधवार तक लाइन को चार्ज किया जाएगा। इस लाइन में तेज प्रवाह का करंट संचालित होगा, इसलिए इस लाइन के संपर्क से दूर रहने अपील की गई है। - वीएस गुप्ता, अधिशासी अभियंता (ट्रांसमिशन), पावर कारपोरेशन