संवाद न्यूज एजेंसी
गढ़मुक्तेश्वर (हापुड़)। बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव जखैड़ा रहमतपुर में रविवार को हुई छह वर्षीय बच्ची काव्या की हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। मां सुरेखा ने ही दरांती से काटकर उसे मौत के घाट उतार दिया था। जांच में अहम सुराग मिलने के बाद पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपना गुनाह कुबूल कर लिया। पुलिस ने बताया कि सुरेखा के सगे भतीजे अंकित के साथ संबंध थे। काव्या ने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था।
काव्या की रविवार शाम हत्या करने के बाद शव खंडहर में फेंक दिया गया था। फोरेंसिंक टीम को जांच के दौरान कई अहम सुबूत मिले। घर और खंडहर तक खून के छींटे पड़े थे। जिसके बाद टीम ने एसपी अभिषेक वर्मा की अगुवाई में पूरे घर की गहनता से जांच की। रसोईघर में ताजा चौका लगाया गया था। पूरे घर को धोया गया था। केमिकल से जांच की गई तो घर में रसोई, कमरे और नाली में खून मौजूद मिला। दरांती को भी बरामद कर लिया गया। इसके आधार पर पुलिस ने मृतक बच्ची की मां सुरेखा, ताई, तहेरे भाई अंकित को हिरासत में लेकर गहनता से पूछताछ की तो सुरेखा और अंकित ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया।
एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि सुरेखा और उसके भतीजे अंकित के बीच काफी दिनों से संबंध थे। दोनों छिपकर मिलते रहते थे। रविवार दोपहर को काव्या ने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था और यह पापा को बताने को बोला। सुरेखा गुस्सैल स्वभाव की है। गुस्से में उसने काव्या को खूब पीटा। इसके बाद दरांती से शरीर पर कई जगह वार कर उसकी हत्या कर दी। शाम के समय जब आसपास कोई नहीं था तो दोनों ने शव को चुनरी में छिपाकर खंडहर में फेंक दिया। इसके बाद बच्ची के लापता होने का नाटक शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जा रही है।
सुरेखा ने माेबाइल के सभी नंबर किए डिलीट
काव्या के पिता राजीव ट्रक ड्राइवर हैं। वह अक्सर काम के कारण घर से बाहर रहते थे। बेटी की मौत की सूचना के बाद वह गांव पहुंचे। राजीव ने बताया कि वह रोज पत्नी और बेटी से फोन पर बात करते थे। रविवार को भी बेटी से बात की थी। रविवार को पत्नी ने कुछ देर ही बात हुई थी। उस दिन राजीव से बात करने के बाद सुरेखा ने मोबाइल के सभी नंबर डिलीट कर दिए थे।
पहले तंत्र विद्या से जुड़ा लग रहा था मामला
शुरुआत में पुलिस को तंत्र विद्या से जुड़ा मामला लग रहा था। सुबह करीब 10 बजे एसपी अभिषेक वर्मा गांव पहुंचे और मामले की गहनता से जांच कराते हुए सर्विलांस, एसओजी, फोरेसिंक और पुलिस की चार टीमों का गठन किया। इसके बाद मामला खुल गया। सोमवार की शाम को काव्या का शव गांव पहुंचा तो हर कोई उसकी एक झलक पाने के लिए बेताब नजर आया। गांव की महिलाओंं की आंखों में आंसू थे। देर शाम गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।