गंगा के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी
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बिजनौर और हरिद्वार से लाखों क्यूसिक पानी छोड़े जाने से गंगा के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी होने हो गई है, जिससे खादर के गांवों में दहशत फैल गई है। कई दिनों तक स्थिर रहने के बाद गंगा के जलस्तर में मंगलवार से बढ़ोतरी होने लगी।
टापू पर बसा गांव गंगानगर चौतरफा उफनती गंगा की जलधारा से घिर गया है, जिससे गांव का संपर्क दूसरे क्षेत्रों से पूरी तरह कट गया है और ग्रामीण घरों में कैदी की तरह जिंदगी बिताने को मजबूर हैं।
एसडीएम शमशाद हुसैन और तहसीलदार भगत सिंह का कहना है कि जलस्तर में बढ़ोतरी होने के बाद बाढ़ आने का कोई खतरा नहीं है, परंतु फिर भी राहत चौकियों को सतर्क कर लेखपाल और राजस्व कर्मियों को गंगा जलस्तर समेत बाढ़ संभावित गांवों की निगरानी करने का जिम्मा सौंप दिया गया है।
सिंचाई विभाग कंट्रोल रूम के सूत्रों का कहना है कि मंगलवार की शाम 6 बजे बिजनौर से 1.03 लाख 176, सुबह को 95 हजार 106 पानी रिलीज किया गया है, जिसके बुधवार की दोपहर तक ब्रजघाट पहुंचने पर गंगा जलस्तर में और भी बढ़ोतरी होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
केंद्रीय जल आयोग के कनिष्ठ अभियंता राहुल शर्मा और गेज अधिकारी संत कुमार का कहना है कि 24 घंटों के भीतर गंगा के जलस्तर में 20 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है, जिससे जलस्तर बढ़कर समुद्रतल से 198.16 मीटर के निशान पर पहुंच गया है।