केंद्र सरकार की केमिस्ट नीतियों के विरोध में मंगलवार को जिलेभर के मेडिकल स्टोर बंद रहे। मरीजों को जीवन रक्षक दवाओं के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। दवा कारोबारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंप कड़ा रोष जताया।
इसके अलावा जल्द इन नीतियों में बदलाव की भी मांग उठाई गई है। हापुड़ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार उनका शोषण कर रही है।
केमिस्ट विरोधी नीतियां बनाकर दवा कारोबार को चौपट करने का जाल बुना जा रहा है। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि केमिस्टों को ऑनलाईन फार्मेसी, केंद्रीय ई पोर्टल से काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
दवाओं की डिमांड भी पूरी नहीं हो सकेगी। ऐसे में मरीजों को काफी परेशानी होगी, साथ ही इन नीतियों से दवा कारोबारियों को काफी नुकसान होगा। लाइसेंस के नवीनीकरण में भी केमिस्टों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उक्त समस्याओं के विरोध में केमिस्टों ने मेडिकल स्टोर को पूर्णत: बंद कर सुबह 9 बजे तुलाराम की धर्मशाला पर एकत्र हुए। पैदल मार्च करते हुए दवा कारोबारी कलक्ट्रेट पहुंचे, वहां उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपकर जल्द राहत की गुहार लगाई।
दवा कारोबारियों की हड़ताल से मंगलवार को मरीजों को जीवन रक्षक दवाओं के लिए इधर उधर भटकना पड़ा। लेकिन सभी मेडिकल स्टोर बंद देख उन्हें खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
ज्ञापन सौंपने वालों में विकास गर्ग, संजय अग्रवाल, विनीत जिंदल, अजय, गौरव गर्ग, संजीव शर्मा, अनिल अग्रवाल, रामगोपाल, संजीव कुमार, लईकुद्दीन, अमित शर्मा, अरुण गोयल, डा. साधू सिंह, राजेश जैन, संजय त्यागी, दिनेश, योगेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे