मीड डे मील बनाते वक्त बहादुरगढ़ के एक प्राइमरी स्कूल में आग लग गई। सिलेंडर से ऊंची लपटें उठती देख अध्यापक और बच्चे किसी तरह अपनी जान बचाकर बाहर भागे। शोर सुन पहुंचे ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
लापरवाही की शिकायत पर हेडमास्टर ने ग्रामीणों के साथ अभद्रता की। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने हेडमास्टर को निलंबित करने की मांग की है। मौके पर पहुंचे एसडीएम और सीओ ने हेडमास्टर व स्टाफ को लापरवाही पर फटकार लगाई।
बहादुरगढ़ के प्राइमरी स्कूल नंबर 2 में 102 बच्चे पढ़ते हैं। मंगलवार सुबह करीब साढ़े 9 बजे प्रेमवती सहित पांच महिलाएं स्कूल में मध्याह्न भोजन बना रही थीं। इसी दौरान पाइप लीक होने से रसोई गैस सिलेंडर में आग लग गई।
इससे स्कूल में पढ़ा रहे अध्यापकों और बच्चों में अफरा तफरी मच गई। सिलेंडर फटने के डर से बच्चे और अभिभावक बाहर की तरफ भाग निकले। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने पानी से भीगी बोरियां और रेत मिट्टी डालकर आग पर काबू पाया।
हादसे के वक्त न तो हेडमास्टर स्कूल में मौजूद थे और न ही किसी अध्यापक की देखरेख भोजन बन रहा था। इससे नाराज ग्रामीणों ने जब हेडमास्टर हेड मास्टर नसरुल्ला खां से मामले की शिकायत की तो उन्होंने ग्रामीणों से बदसलूकी की।
इस पर ग्रामीणों का पारा चढ़ गया। गुस्साए ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हेडमास्टर आए दिन देर से विद्यालय पहुंचते हैं। मंगलवार को भी वह करीब 11 बजे स्कूल पहुंचे। डॉ. राजपाल सिंह, बिल्लू, डालचंद, पप्पू कर्दम, सोमपाल, जितेंद्र, अरुण, पवन, बंटी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन कर हेडमास्टर के निलंबन की मांग की।
सूचना पर पहुंचे एसडीएम आरएन पांडेय और सीओ सतीश चंद्र पांडेय ने मौके का निरीक्षण किया। अफसरों ने बताया कि मध्याह्न भोजन रसोई की बजाए फील्ड में बच्चों की कक्षा से कुछ दूरी पर बन रहा था।
ग्रामीणों द्वारा हेडमास्टर की शिकायत पर एसडीएम ने कड़ी नाराजगी जताई और मिड डे मील रसोई में ही तैयार किए जाने की सख्त हिदायत दी। हेड मास्टर नसरुल्ला खां ने कहा कि देर से विद्यालय पहुंचने के आरोप निराधार हैं। उनकी तरफ से कोई लापरवाही नहीं बरती गई है।