नोएडा के एक अस्पताल द्वारा पुराने नोट और चेक से पेमेंट नहीं लेने पर हृदय रोग से पीड़ित एक महिला की मौत का मामला सामने आया है। नई करेंसी जुटाकर परिजनों ने महिला को दोबारा अस्पताल में भर्ती कराकर ऑपरेशन कराया, मगर तब तक देर हो चुकी थी।
परिजनों का आरोप है कि इलाज में देरी के चलते महिला ने दम तोड़ दिया। परिजन अब अस्पताल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कह रहे हैं। बुलंदशहर रोड स्थित मोहल्ला शिवदयालपुरा निवासी अनीसा (36) पत्नी अनीस हृदय रोड से पीड़ित थीं।
अनीस ने बताया कि अनीसा का वाल्व चेंज होना था। उसे नगर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां से उसे नोएडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में ऑपरेशन के लिए उससे नई करेंसी की मांग की गई।
परिजनों द्वारा चेक देने की बात कही गई, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने चेक लेने से इंकार कर दिया। परिजन तीन दिन पहले महिला को दोबारा हापुड़ ले आए। परिजनों ने हापुड़ के एक चिकित्सक से रेफर लेटर बनवाकर महिला को दिल्ली के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराने का प्रयास किया,
लेकिन सफलता नहीं मिली। महिला की हालत खराब होती देख परिजनों ने दो लाख की नई करेंसी का जैसे-तैसे इंतजाम कर सोमवार को दोबारा अनीसा को नोएडा के उसी अस्पताल में भर्ती कराया।
दो लाख की नई करेंसी और मिन्नतों के बाद दो लाख के चेक लगाने के बाद महिला का ऑपरेशन किया गया। मगर इलाज में देरी के चलते महिला ने सोमवार रात दम तोड़ दिया। सुबह हापुड़ पहुंचकर परिजनों ने महिला का शव दफना दिया।
अनीस ने बताया कि चेक या पुराने नोट लेकर पहले ही ऑपरेशन हो जाता तो उनकी पत्नी की मौत नहीं होती। परिवार के लोगों के साथ बातचीत के बाद अस्पताल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।