धौलाना (हापुड़)। मसूरी-गुलावठी मार्ग स्थित यूपीएसआईडीसी फेज-3 में संचालित गद्दा निर्माण इकाई में बृहस्पतिवार तड़के भीषण आग लग गई। आग की चपेट में आने से एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से झुलस गया। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की छह गाड़ियों ने कई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। घटना के बाद पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर राहत व बचाव कार्य का जायजा लिया। मृतक की पहचान जिला बागपत के गांव मांगरौली निवासी गुलफाम (50) पुत्र मुनफैत के रूप में हुई।
पुलिस के अनुसार बृहस्पतिवार तड़के करीब साढ़े चार बजे सुखदेव नाम से संचालित गद्दा बनाने की फैक्टरी में अचानक अज्ञात कारणों से आग लग गई। गद्दों में प्रयुक्त ज्वलनशील सामग्री होने के कारण आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया। हादसे के समय फैक्टरी की रात्रि पाली में करीब 300 श्रमिक मौजूद थे। आग से फैक्टरी में अफरातफरी मच गई और सभी जान बचाकर भागने लगे लेकिन गुलफाम और क्षेत्र के गांव देहरा निवासी साबेज पुत्र हमीर आग में फंस गए। आग में झुलसने से गुलफाम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि साबेज गंभीर रूप से घायल हो गया।
सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम ने आग बझाने के प्रयास किए। कई घंटे की मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड की छह गाड़ियों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। पुलिस ने साथियों की मदद से साबेज को अस्पताल में भर्ती कराया है। सीओ पिलखुवा मुनीश चंद्र ने बताया कि सुबह 4:30 बजे फैक्टरी में आग लगने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस, अग्निशमन विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य किया। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। अभी पीड़ित पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है।
टिन शेड में फंसने से नहीं निकल पाए गुलफाम
प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो आग लगने के दौरान गुलफाम गोदाम में काम कर रहे थे। जैसे ही आग लगी तो उन्होंने बाकी गद्दों को हटाकर आग को बुझाने का प्रयास किया लेकिन बताया जा रहा है कि इसी दौरान आग ने विकराल रूप धारण कर दिया और ऊपर से टिन शेड गिरने से गुलफाम उसमें फंस गए और बाहर नहीं निकल सके।
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दो वर्षों से परिवार के साथ गांव पिपलेड़ा में रह रहे थे गुलफाम-
गुलफाम परिवार के साथ अपने गांव से गांव पिपलेड़ा में आकर रहकर फैक्टरी में काम कर रहे थे। उनके साथ उनका बड़ा पुत्र अनस व भांजा अशरफ भी फैक्टरी में काम करने जाता है। गुलफाम दो भाई व एक बहन में दूसरे नंबर के थे। उनके बड़े भाई इकबाल व सबसे छोटी बहन की शादी हो चुकी है।
दुर्घटनाओं से निपटने को गठित स्थानीय संकट समूह बेखबर
सामाजिक कार्यकर्ता गफ्फार चौधरी ने बताया कि जनमानस की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मैन्युफैक्चर्स स्टोरेज एंड इम्पोर्ट ऑफ हैजाड्रर्स केमिकल नियमावली के अंतर्गत ऑफ साईट इमरजेंसी प्लान का विकास करते हुए पूर्व में औद्योगिक क्षेत्र यूपीएसआईडीसी में होने वाली दुर्घटनाओं से निपटने के लिए स्थानीय संकट समूह गठित कर किया गया था। एसडीएम धौलाना को इसका अध्यक्ष बनाया गया था। इसमें ग्राम प्रधान, सामाजिक कार्यकर्ता, पत्रकार, मेडिकल कॉलेज प्रधानाचार्य, इंड्रस्ट्रियल एरिया की एसोसिएशन, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, थाना प्रभारी, चौकी इंचार्ज, खंड विकास अधिकारी, उप नियंत्रक नागरिक सुरक्षा, सीएमओ हापुड़ समेत 18 सदस्य शामिल किए गए। जन समुदाय की सुरक्षा को ध्यान में रखना तो दूर समूह की बैठक तक आयोजित नहीं की जाती। एमजीआर इंडस्ट्रलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष धीरज तोमर का कहना है कि लगातार औद्योगिक क्षेत्र में अग्निशमन और आपदा प्रबंधन के पर्याप्त संसाधनों के अभाव को लेकर आवाज उठाई जा रही है लेकिन मामले में कार्यवाही नहीं हो रही है।
मृतक गुलफाम का फाइल फोटो। संवाद