सरकारी स्कूल में बच्चों से पढ़ाई के स्थान पर कुलीगीरी कराए जाने का मामला प्रकाश में आया है। बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव लडहरा के प्राथमिक स्कूल में बनने वाले मिड डे मील की खाद्य सामग्री बच्चों को ग्राम प्रधान के घर से कंधे पर लादकर स्कूल लाना पड़ता है।
मामले की जानकारी पर बच्चों के परिजनों ने प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग की। बेसिक शिक्षा विभाग अक्सर सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने का दावा करता है, मगर जमीनी स्तर पर हकीकत कुछ अलग ही होती है।
अधिकांश प्राइमरी स्कूलों के बच्चों को ठिठुरती सर्दी और तपिश भरी गर्मी के मौसम में फर्श पर ही बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है। दर्र्जनों स्कूलों में शौचालयों की हालत बेहद खस्ता है पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं है।
अधिकांश स्कूलों में अध्यापकों की तैनाती भी मानक के अनुरूप नहीं है, जिससे बच्चों की पढ़ाई-लिखाई प्रभावित होती है। इसके अलावा कई स्कूलों में बच्चों से पढ़ाई-लिखाई छुड़वाकर कुलीगीरी भी कराई जा रही है।
बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव लडहरा के प्राथमिक स्कूल में बुधवार सुबह बच्चों से मिड डे मील की सामग्री ढुलवाई जा रही थी। बच्चे प्रधान के घर से मिड डे मील की खाद्य सामग्री ढोेकर स्कूल ला रहे थे। मामले की जानकारी पर बच्चों के परिजनों में रोष फैल गया।
भड़के परिजन स्कूल पहुंच गए और शिक्षकों और ग्राम प्रधान के खिलाफ प्रदर्शन किया। लोगों ने दोषी अध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, स्कूल के निलंबित हेडमास्टर ने बताया कि बच्चों से अक्सर प्रधान के घर से खाद्य सामग्री मगांई जाती है।
वहीं, एबीएसए पंकज अग्रवाल का कहना है कि मामला बेहद गंभीर है। मामले की जांच कराकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान शहजाद, नन्हे खां, महरबान, कृष्ण, सूरज सिंह, आसिफ, शिवपाल, जाहिद मौजूद रहे।