रेल यात्रियों को 11 जुलाई को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। रेल कर्मचारियों ने चक्का जाम की तैयारी करनी शुरू कर दी है। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों से नाखुश रेल कर्मचारी आरपार की लड़ाई की तैयारी में हैं।
सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों से नाखुश रेल कर्मचारियों ने विरोध शुरू कर दिया है। शनिवार को केंद्र सरकार की शव यात्रा निकालकर नारेबाजी की थी। इसके बाद एलान किया गया कि 11 जुलाई को ट्रेनों का चक्का जाम किया जाएगा।
नार्दन रेलवे मैन्स यूनियन के शाखा सचिव राकेश अग्रवाल ने बताया कि सभी केंद्रीय एवं राज्य सरकार के कर्मचारी सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों से आक्रोशित हैं। सरकार ने वेतन बढ़ाए जाने का झूठा प्रचार किया है। जबकि वास्तव में 10 वर्ष के बाद मिलने वाली वेतन बढ़ोत्तरी न के बराबर है। एनजेसीए के आह्वान पर 9 जून को हड़ताल का नोटिस दे दिया है। अब 11 जुलाई की सुबह से हड़ताल की जाएगी।
रेल का चक्का जाम सफल बनाने के लिए कर्मचारियों ने रणनीति बनानी शुरू कर दी है, ताकि इस आंदोलन को सफल बनाया जा सके। रेलवे में 1974 की हड़ताल के 42 साल बाद होने वाली यह अब तक की सबसे बड़ी हड़ताल होगी। इस हड़ताल में केंद्र सरकार के सभी सिविलियन कर्मचारी तथा देश के अधिकांश राज्यों के कर्मचारी भी शामिल होंगे।
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