महमूदपुर अंडरपास मामले में ग्रामीणों के एक पक्ष द्वारा समझौते के बाद अब दूसरा पक्ष भाकियू के नेतृत्व में सक्रिय हो गया है। केवल कुछ चुनिंदा लोगों के साथ समझौता करने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट पर जमकर हंगामा किया।
जुलूस के रूप में कलक्ट्रेट पहुंचे सैकड़ों किसान नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। इसके बाद एसडीएम रेलवे अधिकारियों के साथ महमूदपुर गांव पहुंचे और अंडरपास की नपाई की। इस दौरान एक मीटर भराव कर अंडरपास बनाने पर सहमति बन गई।
बृहस्पतिवार दोपहर भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में तहसील चौपले से जुलूस के रूप में प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। दरी व हुक्का आदि साथ लेकर पहुंचे किसान डीएम कार्यालय के बाहर धूप में धरने पर बैठ गए।
इनका आरोप था कि महमूदपुर अंडरपास से दस से भी अधिक गांवों के लोग प्रभावित हैं। ऐसे में मात्र कुछ ग्रामीणों के साथ उनके फायदे के अनुसार समझौता नहीं हो सकता। अंडरपास से हजारों लोगों का आना जाना है। ऐसे में इसे उन्हीं मानकों के अनुसार बनाया जाए, जिन मानकों से दूसरे अंडरपास बनाए गए हैं।
किसानों के हंगामे को देखते हुए एसडीएम अजय कुमार श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। इसके बाद एसडीएम रेलवे के अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और अंडरपास की नपाई कराई।
एसडीएम अजय कुमार श्रीवास्तव और सैकड़ों ग्रामीणों की मौजूदगी में इस बात पर सहमति बनी कि अंडरपास को ढाई मीटर न भरकर केवल एक मीटर भराव करके निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा।
दरअसल, अंडरपास के बुलंदशहर रोड की ओर का ढलान अधिक होने के कारण पहले इसका विरोध शुरू हुआ था। इसके बाद ग्राम प्रधान व कुछ ग्रामीणों ने अंडरपास के अंदर ढाई मीटर का भराव कर ढलान कम करने संबंधी समझौता कर लिया,
लेकिन इससे बड़े वाहनों का अंडरपास से निकलना मुश्किल था। इस स्थिति को देखते हुए कुछ ग्रामीण दोबारा इस मामले में लामबंद हो गए थे।
एसडीएम ने बताया कि अंडरपास का एक मीटर भराव कर निर्माण कार्य शुरू करने पर सभी ग्रामीणों की सहमति बन गई है। इस दौरान भाकियू जिला उपाध्यक्ष यशवीर सिंह, टेनपाल सिंह, बॉबी, कमल सिंह, चंद्रपाल सिंह, कृपाल सिंह, सुदेश बाना, काली चरण शर्मा, गजेंद्र सिंह, नितिन बाना, नत्थू सिंह, भगत सिंह उपस्थित रहे।