इंटर कॉलेजों के प्रधानाचार्यों ने शुल्क वसूली में हेराफेरी की तो नप जाएंगे। प्रवेश से लेकर परीक्षा शुल्क के नाम पर लिए जा रहे रुपये की रसीद देनी होगी। ऐसा न करने पर संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य पर कार्रवाई तय है।
इस तरह का निर्देश जिला विद्यालय निरीक्षक ने जारी किया है। जिला विद्यालय निरीक्षक बीके शर्मा ने बताया कि कुछ इंटर कालेजों में छात्र/छात्राओं से जबरन वसूली की शिकायत मिल रही है। अब ऐसा करने पर प्रधानाचार्य जिम्मेदार माने जाएंगे।
डीआइओएस ने आदेश में कहा है कि विद्यालय में ली जाने वाली शुल्क की रसीद अभिभावक व छात्र को देना अनिवार्य है। फीस शुल्क का पूरा विवरण विद्यालय के गेट एवं सूचना पट पर चस्पा होना चाहिए।
सरकार द्वारा निर्धारित शुल्क से ज्यादा वसूली करने पर छात्र शिकायत करने के लिए स्वतंत्र हैं। शिकायत पर अवश्य कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने अभिभावकों से अनुरोध किया कि प्रवेश दिलाने से पहले विद्यालय की मान्यता की जांच अवश्य करें। इस मामले में उन्होंने प्रधानाचार्यों को भी निर्देशित कर दिया है।