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पंचक के बाद ही गूंजेंगे महादेव के जयकारे

Sun, 10 Jul 2016 09:21 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
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lord shiva - फोटो : अमर उजाला
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पंचक लगने से इस बार कांवड़ यात्रा प्रारंभिक दौर में सुस्त रहेगी। वजह, यूपी सहित कई राज्यों में पंचक के दौरान लकड़ी का सामान खरीदना शुभ नहीं माना जाता है। इसलिए पंचक बीतने के बाद ही हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे गूंजेंगे।
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श्रावण मास की कांवड़ यात्रा इस बार 20 जुलाई से शुरू होगी। इसके अंतर्गत महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में एक अगस्त को भगवान आशुतोष का जलाभिषेक किया जाएगा। इसके बाद भी ब्रजघाट गंगानगरी में 16 अगस्त तक कांवड़ मेला निरंतर चलता रहेगा,

क्योंकि गंगा पार से जुड़े अमरोहा, मुरादाबाद, संभल, रामपुर, बरेली जनपदों में श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार को भगवान भोले का जलाभिषेक करने की विशेष धार्मिक मान्यता प्रचलित है।
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इसके चलते शुक्रवार से लेकर रविवार रात तक लाखों शिवभक्तों का आवागमन होता रहता है, लेकिन इस बार कांवड़ यात्रियों की संख्या शुरुआती दौर में कम रहेगी, क्योंकि अगले ही दिन 21 जुलाई की रात में पंचक लग जाएंगे। 26 जुलाई को इसका समापन होने के बाद ही भक्त यात्रा के लिए निकलेंगे।

प्राचीन पंचायती मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित सुरेंद्र प्रसाद शर्मा, पंडित रमाशंकर तिवारी, पंडित उमेश सेनरा, कथा वाचक गोपाल बाबा का कहना है कि हरियाणा और राजस्थान के शिवभक्त पंचकों को नहीं मानते हैं

लेकिन यूपी और दिल्ली के शिवभक्तों में पंचकों के दौरान लकड़ी का सामान न खरीदने की मान्यता प्रचलित है। इसलिए ब्रजघाट गंगानगरी में पंचकों के दौरान शिवभक्तों की संख्या बेहद कम रहेगी, क्योंकि कांवड़ रूपी जिस पात्र में गंगा जल भरकर ले जाया जाता है, वह लकड़ी का बना होता है।

गढ़-ब्रजघाट गंगानगरी की जर्जर सड़कें कांवड़ियों की यात्रा को और कठिन कर देंगी। सड़कों की दशा न सुधरने से गुस्साए व्यापारियों ने पालिका दफ्तर घेरने की चेतावनी दी है।

बता दें कि गंगा एक्शन प्लान के तहत गढ़-ब्रजघाट में सीवर लाइन बिछाने के साथ सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए केंद्र सरकार ने साढ़े 46 करोड़ की राशि स्वीकृत की थी। इससे सीवर लाइन बिछाने का अधिकांश काम पूरा हो चुका है

लेकिन चार वर्षों की लंबी अवधि बीतने के बाद भी जर्जर सड़कों की हालत नहीं सुधर पाई है। इससे श्रावण मास में कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों को जर्जर सड़कों पर पदयात्रा करना मुश्किल होगा।

व्यापारी नेता मूलचंद सिंघल, अमल गोयल, कमलेश शर्मा, इकबाल बदरखा, इकराम अहमद, पंकज गर्ग, मोहन लाल आहूजा का आरोप है कि पालिका प्रशासन और जल निगम जर्जर सड़कों की सुध नहीं ले रहा है।

इसके चलते कांवड़ यात्रा के मद्देनजर पालिका कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इस संबंध में पालिका चेयरमैन संगीता पुरुषोत्तम ने बताया कि सीवर लाइन बिछाने के दौरान तोड़ी गईं सड़कों को ठीक कराने की जिम्मेदारी जल निगम की है। अन्य सड़कों की मरम्मत पालिका स्तर से कराई जा रही है।
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