संवाद न्यूज एजेंसी
हापुड़। रेलवे विभाग ट्रेनों के सुरक्षित और निर्बाध संचालन के लिए लोको पायलटों के साथ-साथ उनके परिवारों की भी काउंसिलिंग कराएगा। लोको निरीक्षक अब लोको पायलटों के घर जाकर उनके परिवार से बातचीत कर क्वालिटी रेस्ट की जानकारी करेंगे।
हापुड़ रेलवे स्टेशन के निकट स्थित रेलवे कॉलोनी में में करीब 40 लोको पायलट और 35 सहायक लोको पायलट निवास करते हैं। लोको पायलटों को 12 से 16 घंटे की शिफ्ट करनी होती है, और इस दौरान उनकी एकाग्रता और सजगता अत्यंत आवश्यक होती है। यदि उन्हें ठीक से आराम नहीं मिला, तो दुर्घटना की संभावना बढ़ सकती है। थकान, तनाव और नींद की कमी ट्रेन हादसों के प्रमुख कारणों में शामिल हैं।
इसलिए अब लोको निरीक्षक न केवल ड्यूटी पर बल्कि घर पर जाकर यह जानने की कोशिश करेंगे कि पायलट को पर्याप्त रेस्ट मिल रहा है या नहीं। अगर परिवार के सदस्य किसी कारणवश उनकी नींद या आराम में व्यवधान डालते हैं, तो उन्हें इसकी गंभीरता से अवगत कराया जाएगा। इसके लिए चार लोको निरीक्षक लोको पायलट की उपस्थिति में घर जाकर परिवार की काउंसलिंग कर रहे हैं।
वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक आदित्य गुप्ता ने बताया कि ट्रेन परिचालन संवेदनशील कार्य है और इसके लिए मानसिक और शारीरिक तैयारी बहुत जरूरी है। लोको पायलटों को ड्यूटी से पहले बिना तनाव, बिना शोर-शराबे और पूरी नींद के साथ आराम मिल सके, इसके लिए परिवार की काउंसलिंग कर उन्हें नींद पूरी करने और मोबाइल से दूरी बनाने के लिए जागरूक करेंगे।